महाराष्ट्र : जेल में कैदियों को अंदर कोरोना का डर तो बाहर रोज़ी रोटी का
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना का खौफ अब महाराष्ट्र के अलग-अलग जेलों में बंद कैदियों में भी दिखने लगा है। रिहाई के बाद भी कैदी जेल में रहना पसंद कर रहे हैं। इसके दो कारण बताए जा रहे हैं कि जेल से बाहर निकलने पर उन्हें कोरोना और भूख का डर है। कोरोना संकट के दौरान कैदी इमरजेंसी पैरोल के लिए भी आवेदन करने से बच रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनकी पूर्ण रिहाई होने तक वे जेल में रहें। कैदी इस बात की चिंता कर रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान बाहर आने पर पेट कैसे पालेंगे! कठिन समय में वे परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते। दूसरी ओर परिवार वाले कैदियों को ऐसी हालत में अपनाने को तैयार नहीं हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी कैदी को उसकी इच्छा के बिना इमरजेंसी पैरोल पर रिहाई के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। कुछ कैदी बाहर आकर नौकरी ढूंढ रहे हैं लेकिन नौकरी नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करने पर मजबूर हैं। परिवारजन अपराध और कोरोना के डर से गांवों या घरों में उन्हें प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे। ऐसे में कैदियों की सामने परशानियों की दोहरी मार पड़ रही है।