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सुशांत सिंह राजपूत की मौत मिस्ट्री, एक अनसुलझी पहेली !

30 Aug, 2020 1166

संजय मिश्रा/in24न्यूज़/मुंबई

सुशांत सिंह राजपूत इस दुनिया में भले ही नहीं हो लेकिन जितना सुशांत के बारे में लोगों को उनके जीते जी पता नहीं चला उससे ज्यादा उनके बारे में लोगों को उनकी मौत के बारे में पता चला. आज सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले की जांच सीबीआई कर रही है जो कि इस देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी कहलाती है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में पुरजोर तरीके से जांच कर रहा है लेकिन आए दिन सुशांत सिंह मामले में जो खुलासे हो रहे हैं उससे देश का एक बड़ा तबका इसे हत्या का मामला मानकर चल रहा है. वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा लोग सुशांत के मामले को आत्महत्या से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन इसमें जितने भी किरदार अब तक सामने आए हैं वो सब के सब संदेह के घेरे में है. सबसे बड़ी बात सुशांत की मौत के बाद मुंबई के बांद्रा पुलिस ने एडीआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी लेकिन इसे मुंबई पुलिस के प्रवक्ता की कमजोरी कहें या कुछ और ! मुंबई पुलिस के बांद्रा डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे है, उन्होंने इस मामले को पूरी पारदर्शिता के साथ मीडिया के समक्ष नहीं लाया शायद यही कारण था कि यह मामला बहुत कम दिनों में बहुत ज्यादा सुर्खियां बटोरने लगा. लगभग 2 महीने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है, वह भी देश की सर्वोत्तम न्यायपालिका की महा बदौलत. सुशांत सिंह राजपूत जून महीने के मध्य में अपने घर में मृत पाए गए लेकिन जहां सुशांत की मौत हुई उस कमरे का दरवाजा बंद था पुलिस की पंचनामा रिपोर्ट पर यदि गौर करें तो 4 लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिसमें एक चाबी वाले का भी समावेश है, जिसने सुशांत के दरवाजे को खोलने का काम किया था लेकिन उस चाबी वाले का यह कहना है कि उसे भीतर प्रवेश करने नहीं दिया गया. वही सुशांत सिंह राजपूत के मृत शरीर को जिस एंबुलेंस में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया, उस एंबुलेंस में मौजूद व्यक्ति का यह कहना है कि सुशांत के शरीर पर सुइयों के निशान थे. उसका यह भी कहना है कि यह मामला आत्महत्या का हो ही नहीं सकता. वहीं दूसरी ओर मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने पत्रकार परिषद का आयोजन कर मुंबई पुलिस की ओर से अपना पक्ष रखा और उन्होंने यह साफ कर दिया इस मामले में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगे हैं जिससे कि यह साबित होता हो कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या की गई है. कुल मिलाकर मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत कोई मर्डर मिस्ट्री नहीं बल्कि आत्महत्या का मामला है, लेकिन बिहार पुलिस ने मृतक बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के परिवार वालों की तरफ से की गई शिकायत के आधार पर एक एफ आई आर दर्ज की है क्योंकि लोकतांत्रिक कहे जाने वाले इस भारतवर्ष में हर व्यक्ति को अपनी शिकायत दर्ज कराने का किसी भी पुलिस थाने में पूरा अधिकार है. चूंकि सुशांत सिंह राजपूत के पिता जिस इलाके में रहते हैं उसके निकटतम पुलिस थाने में उन्होंने जाकर अपनी शिकायत दर्ज की और रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाते हुए उन्होंने एफ आई आर दर्ज करवाई. रिया चक्रवर्ती का नाम सामने आते ही यह मामला लगातार तूल पकड़ने लगा. इसी बीच किसी ने महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री और शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे की तस्वीर जो रिया चक्रवर्ती के साथ ली गई थी उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. आदित्य ठाकरे का नाम आते ही यह मामला हाई प्रोफाइल हो गया और ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई समूह खबर प्रसारित करने के दौरान एक दूसरे से बेहद अलग नजर आने लगे. शिवसेना की तरफ से साफ कह दिया गया कि इस मामले में सीबीआई जांच की कोई आवश्यकता नहीं है. यहां तक कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख में भी एक वीडियो के माध्यम से मीडिया समूहों को अपील की कि सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है और ऐसे में मुंबई पुलिस की जांच पर उन्हें पूरा भरोसा है लिहाजा सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई की कोई आवश्यकता फिलहाल नहीं है, लेकिन देश की सर्वोच्च न्यायपालिका ने बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस के बीच चल रहे मतभेदों को संज्ञान में लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जो भी जांच की है उसकी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दें क्योंकि अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी इसलिए सारे तथ्य सीबीआई के पास होना आवश्यक है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई पहुंची डीआरडीओ गेस्ट हाउस. सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े सभी किरदारों को एक-एक कर बुलाना शुरू किया जिसमें रिया चक्रवर्ती आरोपी के तौर पर थी इसी बीच देश के एक न्यूज़ चैनल ने, जो अपने आप को पिछले कई दशकों से सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ चैनल होने का दावा किया उसने चक्रवर्ती का इंटरव्यू प्रसारित किया. वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक समूह के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने सीधे-सीधे आज तक चैनल का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन्होंने तक, तक, तक, कई बार ऐसे शब्दों का प्रयोग कर इस चैनल के प्रति अपनी राय प्रकट की. आज सुशांत सिंह राजपूत मामले में न सिर्फ राजनीति हो रही है ना सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल्स अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए इस मामले को प्रमुखता से प्रसारित कर रहे हैं बल्कि यह मामला और भी संदेहास्पद होते चले जा रहा है. मुंबई के विले पार्ले पश्चिम स्थित कूपर अस्पताल में डॉक्टरों ने सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमार्टम किया था, उन्हें होम क्वारन्टीन कर दिया गया है. यहां तक कि सुशांत सिंह राजपूत के निवास स्थान के अंतर्गत आने वाले मुंबई पुलिस के डीसीपी अभिषेक त्रिमूखे जिन पर यह आरोप लगा कि उन्होंने रिया चक्रवर्ती के साथ एक दो दफा नहीं बल्कि कई बार बातें कि उन्हें भी पूरे परिवार के साथ होम क्वारन्टीन कर दिया गया है. भारतीय जनता पार्टी के कई विधायक सुशांत सिंह राजपूत मामले को हत्या करार दे रहे हैं वही कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना जोकि महाराष्ट्र की महा विकास आघाडी की सर्वे सर्वा है, वह इस मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही. वैसे इस देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक व्यक्ति की मौत का मामला अलग-अलग अंदाज में पेश किया जा रहा है. सुशांत सिंह राजपूत की डेड बॉडी जो एंबुलेंस लेकर जा रही थी, उस एंबुलेंस के ड्राइवर से संदीप सिंह नाम के एक व्यक्ति की कई दिनों तक बात हुई जिसका जिक्र मोबाइल फोन की सीडीआर के माध्यम से सामने आया, वहीं दूसरी ओर सुशांत सिंह राजपूत के जिम पार्टनर सुनील शुक्ला यह दावा कर रहे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत जो जिम में वर्कआउट करते थे वह कोई साधारण वर्कआउट नहीं था और ऐसे में यदि सुशांत सिंह राजपूत यदि ड्रग्स का सेवन करते तो वह इस तरीके से वर्कआउट जिम में नहीं कर सकते थे. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की मिस्ट्री अब तक सुलझ नहीं पाई है. मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बाद अब सीबीआई इस मामले जांच प्रमुखता से कर रही है और ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा सुशांत सिंह राजपूत की मौत की मिस्ट्री समय रहते छुपती है या फिर इस पर भी सियासत जारी रहती है. वैसे सुशांत सिंह राजपूत इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी मौत के बाद कोई इसे हत्या करार दे रहा है तो कोई इसे आत्महत्या कह रहा है लेकिन रिया चक्रवर्ती का जो व्हाट्सएप चैटिंग सार्वजनिक हुआ है उसके मुताबिक रिया चक्रवर्ती ड्रग्स माफियाओं के संपर्क में आज से नहीं बल्कि साल 2017 से थी. रिया ने देश के एक सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज़ चैनल में दिए साक्षात्कार में यहां तक कह दिया कि सुशांत सिंह राजपूत नियमित रूप से ड्रग्स का सेवन करते थे लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि रिया ने ये नहीं बताया कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत का क्रेडिट कार्ड अपने पास क्यों रखा था और उन्होंने ये भी नहीं बताया कि कौन से पूजा पाठ के लिए उन्होंने सुशांत के बैंक एकाउंट से कई बार रुपए निकलवाए ? खैर सुशांत सिंह के परिवार ने जो संगीन आरोप रिया चक्रवर्ती पर लगाये हैं उसकी सच्चाई कब तक देश की जनता के सामने आ पाएगी ये तो सीबीआई की पूरी जांच के बाद ही सामने आ पाएगा.

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