रायबरेली में मस्जिद चाहते हैं शायर मुनव्वर राना
संवाददाता/in24 न्यूज़.
राम मंदिर भूमिपूजन के बाद भी मंदिर-मस्जिद का विवाद जारी है. सर्वोच्च न्यायालय पर सवाल उठा चुके मशहूर शायर मुनव्वर राना ने अयोध्या की जगह रायबरेली में मस्जिद बनाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने रायबरेली की अपनी पैतृक जमीन भी देने की पेशकश की है। मुन्नवर राना ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में मुन्नवर राना ने लिखा है कि किसी भी सरकारी या किसी की दी हुई जमीन पर मस्जिद नहीं बन सकती, इसलिए वहां मस्जिद नहीं बननी चाहिए। मुन्नवर राना सुन्नी वक्फ़ बोर्ड से भी इस बात से नाराज हैं कि उसने बिना सोचे समझे जमीन स्वीकार कर ली। उनका मानना है कि जब मस्जिद अयोध्या से बाहर कर दी गई तो वह चाहे जहां बने कोई फर्क नहीं पड़ता। मशहूर शायर मुन्नवर राना दी गई जमीन पर राजा दशरथ के नाम से चाहते हैं कि एक अस्पताल बन जाय। दरअसल, रायबरेली में 26 नवंबर 1952 को जन्मे शायर मुन्नवर राना का शहर के क़िलाबजार के शेखवाड़ा में पैतृक घर है। जिस ज़मीन पर वह मस्जिद बनाना चाहते हैं. वह सई नदी के किनारे और मौलाना अली मियां की मजार के पास है। राम मंदिर मामले में विवादित टिप्पणी करके मशहूर शायर मुन्नवर राना इस समय सुर्खियों में हैं। ताजा मामला उनका वह बयान है जिसमें उन्होंने फ़ैसले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मजबूरी है लेकिन इंसाफ नहीं हुआ। न्यायालय ने साक्ष्यों की अनदेखी की है। शायर ने न्यायाधीशों पर भी कुछ विवादित बयान दिये हैं। मुन्नवर राना ने कहा कि राममंदिर के शिलान्यास में प्रधानमंत्री को नहीं आना चाहिए। क्योंकि प्रधानमंत्री किसी एक धर्म के न होकर सभी के संरक्षक हैं। बहरहाल यह मामला किस कदर किसी फैसले तक पहुंचता है अब सबकी नज़र उसी पर होगी.