Breaking News

अब घर बैठे कीजिए चीयर्स, मुंबई में शराब की होगी होम डिलीवरी

20 May, 2020 946

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
शराब के लिए मारामारी वाला दृश्य सबको याद होगा कि लोग लॉकडाउनके तहत थोड़ी सी छूट के बाद किस तरह दुकानों पर लोग टूट पड़े थे. बहरहाल अब मुंबई में घर बैठे ही होम डिलीवरी के तहत शराब के शौकीन अपने लिए शराब मंगा सकते हैं और चीयर्स कर सकते हैं. महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर व्यापार और अन्य गतिविधियों को अनुमति देने या प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों को रेड और नॉन रेड जोन में वर्गीकृत करने की घोषणा की। सरकार द्वारा मंगलवार को जारी ये नए दिशा-निर्देश 22 मई से लागू होंगे। लॉकडाउन के पिछले चरणों के दौरान राज्य को (देश के अन्य भागों की तरह) रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में विभाजित किया गया था। मुंबई महानगर क्षेत्र के नगर निगमों के साथ-साथ पुणे, सोलापुर, औरंगाबाद, मालेगांव, नासिक, धुले, जलगांव, अकोला और अमरावती के नगर निकाय को रेड जोन घोषित गया है। इन सभी क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण के अधिक मामले सामने आए हैं। सरकार ने रविवार लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी। रेड और  नॉन रेड  क्षेत्रों में नगरपालिका तथा जिला प्राधिकारी निषिद्ध क्षेत्र बनाएंगे। नगर आयुक्त और जिला कलेक्टरों के पास आवासीय कॉलोनियों, मुहल्लों, मलिन बस्तियों, इमारतों या भवनों के समूहों, गलियों, वार्डों, पुलिस स्टेशन क्षेत्रों, गांवों या गांवों के छोटे समूहों की पहचान कर वहां निषिद्ध क्षेत्र बनाने की शक्ति होगी। हालांकि, उन्हें बड़े क्षेत्रों जैसे कि एक पूरे तालुका या नगर निगम, को निरुद्ध क्षेत्र घोषित करने के लिये राज्य के मुख्य सचिव से परामर्श करना होगा। निरुद्ध क्षेत्रों में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। इन क्षेत्रों के भीतर और बाहर के आपात चिकित्सा स्थिति और आवश्यक सामानों की आपूर्ति के अलावा लोगों की किसी भी तरह की आवाजाही पर पाबंदी होगी। रेड जोन में ऐसी दुकानें, मॉल, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और उद्योग जिनके संचालन की अनुमति नहीं है, वे केवल सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने सामान, फर्नीचर, संयंत्र तथा मशीनरी के रखरखाव और मॉनसून से पहले अपने सामान तथा संपत्ति की सुरक्षा के लिये इन्हें खोल सकते हैं। दिशा-निर्देशों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों में उत्पादन या वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है। वहीं, गैर-रेड जोन में किसी भी ऐसी गतिविधि के लिये सरकारी प्राधिकरण से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, जिसकी सरकार पहले अनुमति दे चुकी है।

अन्य खबरे