निजीकरण के खिलाफ भारत पेट्रोलियम के 12 हज़ार कर्मचारी हड़ताल करेंगे
आज बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं जिनपर निजीकरण की तलवार लटकी हुई है. इसी कड़ी में भारत पेट्रोलियम के 12 हज़ार कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लगभग 12000 कर्मचारी गुरुवार को निजीकरण के खिलाफ हड़ताल करेंगे. इन कर्मचारियों का कहना है कि अगर सरकार बीपीसीएल के निजीकरण पर अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो हम अपनी हड़ताल में अन्य तेल कंपनियों के कर्मचारियों के साथ शामिल होंगे जो कई दिनों तक चलेगी. एक रिपोर्ट के अनुसार ईमेल प्रतिक्रिया में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा की भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारी यूनियनों ने एक हड़ताल नोटिस दिया है कि वे 28 नवंबर को एक दिन की हड़ताल का निरीक्षण करने की योजना बना रहे हैं. 31 मार्च 2019 तक भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कुल कर्मचारियों की संख्या 11,971 थी. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अस्थायी, संविदात्मक, आकस्मिक आधार पर रखे गए कर्मचारियों की कुल संख्या 22,267 थी. रिपोर्ट के अनुसार बीपीसीएल के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम अब सरकार से धोखा महसूस कर रहे हैं क्योंकि हम बीपीसीएल में सरकारी नौकरी के कारण शामिल हुए थे, लेकिन निजीकरण से हमारी आजीविका को खतरा है. हम अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं.