आठ राज्यों में कोरोना के 70 फीसदी सक्रिय मामले
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना महामारी से दुनिया के सामने अनेक समस्याएं पैदा होती जा रही हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक बयान के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के क़रीब 70 फीसदी सक्रिय मामले आठ राज्यों महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से हैं. वर्तमान में भारत में 4,55,555 सक्रिय संक्रमण के मामले हैं. सरकार के मुताबिक मरीजों की संख्या कुल मामलों का 4.89 प्रतिशत है. महाराष्ट्र 87,014 सक्रिय कोविड-19 मामलों के साथ सबसे आगे है. केरल में 64,615 सक्रिय मामले दर्ज किए गए जबकि दिल्ली में 38,734 सक्रिय मामले हैं. देश में पिछले 24 घंटों में 43,082 नए पुष्टि किए गए कोविड-19 मामले सामने आए. इनमें से 76.93 फीसदी का योगदान दस राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों सें हैं. देश में सबसे अधिक 6,406 नए पुष्टि किए गए कोविड-19 मामले महाराष्ट्र से रिपोर्ट किए गए. दिल्ली में दिल्ली 5,475 नए मामले सामने आये हैं. नए रिकवर हुए मामलों में से 78.15 फीसदी 10 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रित हैं. केरल 5,970 नए मामलों के साथ सबसे ज्यादा दैनिक रिकवरी वाला राज्य है. दिल्ली में 4,937 लोग रिकवर हुए और उसके बाद महाराष्ट्र में 4,815 लोग रिकवर हुए. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनियाभर में कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या 6.08 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 1,429,000 से अधिक हो गई हैं. यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने खुलासा किया कि शुक्रवार की सुबह तक वर्तमान वैश्विक मामले और मृत्यु दर क्रमश: 60,860,169 और 1,429,733 हो गए थे. कोविड-19 के मामलों के हिसाब से भारत 9,266,705 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है. रूस के सॉवरेन वेल्थ फंड और भारतीय दवा कंपनी हेटेरो ने शुक्रवार को स्पुतनिक वी के ट्विटर अकाउंट पर एक बयान में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ स्पुतनिक वी वैक्सीन के भारत में प्रति वर्ष 100 मिलियन से अधिक खुराक का उत्पादन करने पर सहमति व्यक्त की है. बयान में कहा गया कि हेटेरो और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ), जो वैक्सीन का सपोर्ट कर रहे हैं और वैश्विक स्तर पर इसकी मार्केटिंग कर रहे हैं, 2021 की शुरुआत में भारत में स्पुतनिक वी का उत्पादन शुरू करने की योजना है. बयान में कहा गया है कि भारत में फेज- II-III का परीक्षण जारी हैं. ड्रगमेकर डॉ.रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड ने कहा है कि यह मार्च 2021 तक लेट स्टेज परीक्षणों को पूरा करने की उम्मीद कर रहा है. भारत में कोरोना वायरस के पहले टीकाकरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगेगा. एक रिपोर्ट के अनुसार प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के. विजयराघवन ने कहा कि जो लोग टीकाकरण की पहली लहर का हिस्सा होंगे उनमें हेल्थ केयर वर्कर, पुलिसकर्मी और 50 साल से ऊपर के लोग शामिल होंगे. बता दें कि अब कोरोना को मात देने के लिए अनेक वैक्सीन पर ज़ोरशोर से काम चल रहा है.