टेरर फंडिंग : जम्मू-कश्मीर में दस स्थानों पर एनआईए का एक्शन
संवाददाता/ in24 न्यूज़.
जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक साथ कई जगहों पर छापामारी की है। एनआईए ने दोनों जगह एक्शन अलग-अलग केस को लेकर लिया। दोनों ही मामले आतंकवाद से जुड़े हैं। जम्मू कश्मीर में टेरर फंडिंग के मामले को लेकर एनआईए जमात-ए-इस्लामी संगठन से जुड़े लोगों और उनके दस ठिकानों पर सर्चिंग कर रही है। यह छापामारी बडगाम, कुलगाम और जम्मू जिले के गुज्जर नगर, शहीदी चौक, में चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए कुलगाम में जमात के पूर्व प्रमुख शेख गुलाम हसन और एक अन्य नेता सयार अहमद रेशी के आवास पर गई है। ये दोनों नेता प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर से जुड़े हुए हैं। इस संगठन को फरवरी 2019 में गृह मंत्रालय ने टेरर फंडिंग के आरोपों के चलते बैन किया था। उधर, तमिलनाडु में एनआईए 2022 में कोयंबटूर में हुए बम ब्लास्ट को लेकर राज्य के 27 जगहों पर छापामारी कर रही है। इस ब्लास्ट में आतंकी संगठन आईएसआईएस का हाथ था। एनआईए के अधिकारी चेन्नई, त्रिची, मदुरै, तिरुनेलवेली और कोयंबटूर में एक साथ रेड मारने पहुंचे। 23 अक्तूबर, 2022 को कोयंबटूर में संगमेश्वर मंदिर के पास खड़ी कार में धमाका हुआ था। कार का मालिक जेमिशा मुबीन भी इसमें मारा गया था। धमाके के समय वह कार के अंदर ही था। उसकी उम्र 29 साल थी और पेशे से इंजीनियर था। आईएसआईएस की विचारधारा ने मुबीन को कट्टरपंथी बना दिया था। हालांकि, उसकी ट्रेनिंग पूरी नहीं हुई थी इसलिए वह विस्फोटकों को संभाल नहीं सका। इस केस में अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, मुबीन की कार में धमाके के समय 2 एलपीजी सिलेंडर थे, इनमें से एक फटा था। अगर दूसरा भी फट जाता तो मंदिर और आस-पास के कई मकानों को नुकसान पहुंचता। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, आईएस से जुड़े के तीन संदिग्धों रियाज, फिरोज और नवाज को मुबीन की कार में 2 सिलेंडर और 3 ड्रम रखते हुए देखा गया था। इन्होंने रात करीब 11.30 बजे कार में विस्फोटक रखे थे। चौथे संदिग्ध मोहम्मद थलका ने मुबीन और उसके एक रिश्तेदार को कार दी थी।