दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की खूबसूरती होगी कम, सुसाइड केस के चलते लिया जाएगा ये फैसला
संवाददाता/in24 न्यूज़
आज हम आपको एक ऐसे ब्रिज के बार में बताने जा रहे है जिसे आप सुसाइड स्पॉट ब्रिज भी कह सकते है। क्योंकि हर महीने में इस ब्रिज से कूदकर लगभग 3 लोगों को आत्महत्या करने से रोका जाता है। आत्महत्या करने का अहम कारण यह है कि दिल्ली में स्थित सिग्नेचर ब्रिज जिसकी ऊंचाई कुतुबमीनार से भी दोगुनी है। यह सिग्नेचर ब्रिज 'नमस्ते' के रूप में दिखते हुए देश का पहला केबल स्टाइल ब्रिज है। ब्रिज पर हाई व्यूईंग बॉक्स है जो 575 मीटर लंबा है जिसमें सेल्फी स्पॉट भी है। देश के अलग-अलग राज्योंं से आने वाले लोग भी केबल तारों से बने इस भव्य ब्रिज को देखने के लिए उत्सुक रहते हैं। लेकिन अब इस खूबसूरत ब्रिज के दोनों तरफ जाल की दीवारें लगाने और ऐसी घटना पर नज़र रखने के लिए गार्ड रखने की अपील की जा रही है।
दरअसल, आज से ही नहीं बल्कि कई महीनों से सिग्नेचर ब्रिज पर सुसाइड करने का मामला सामने आ रहा है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि, हाल ही में एक 17 साल की लड़की इस ब्रिज से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उस लड़की का उसके पिता से झगड़ा हुआ था जिसके बाद उस लड़की ने सिग्नेचर ब्रिज को अपना आत्महत्या करने का जगह चुना और ब्रिज से कूद गई। मौके पर ही पुलिस की टीम और गोताखोर की टीम पहुंची और 45 मिनट बचाव अभियान करके उस लड़की को बचाया। पुलिस के अनुसार पिछले साल करीब 25 लोगों को पूल से कूदकर आत्महत्या करने पर रोका गया। इन्हीं सभी कारणों से दिल्ली पुलिस चाहती है कि इस ब्रिज के दोनों बाजू लंबी दीवार या फ्री जाल बिछाई जाए और एक गार्ड तैनात किया जाए ताकि अगर कोई सुसाइड करने आता भी है तो लंबी जाल की दीवार के चलते कोई ब्रिज से कूद नहीं पाएगा साथ ही सिक्योरिटी गार्ड रहने पर वह लोगों की निगरानी रखेगा। पर्यटन का विभाग का कहना है कि पुल के दोनों तरफ जाल लगाना संभव नहीं है। विभाग का कहना है कि अगर पुल के दोनों तरफ जाल लगाए गए तो पुल का मूल स्ट्रचर बदल जाएगा और पुल की खूबसूरती भी बदल जाएगी।