पीएम मोदी ने विजयदशमी पर देश को समर्पित की 7 रक्षा कंपनियां
संवाददाता/in24 न्यूज़.
दशहरा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत हमारा लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनिया की बड़ी सैन्य ताकत बनाने तथा यहां आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री का विकास करने का है। पीएम मोदी ने विजयादशमी के शुभ अवसर पर शुक्रवार को सात नई रक्षा कंपनियों को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश का लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनिया की बड़ी सैन्य ताकत बनाने का है, भारत में आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री के विकास का है। ये सात कंपनियां आने वाले समय में देश की सैन्य शक्ति का मजबूत आधार बनेंगी। पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के गठन से मजबूत भारत बनाने का डा कलाम का सपना साकार होगा। आज ही पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम जी की जयंती भी है। कलाम साहब ने जिस तरह अपने जीवन को शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए समर्पित किया, ये हम सभी लिए प्रेरणा है। रक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किये गये सुधारों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसी का परिणाम है कि रक्षा क्षेत्र में जितनी पारदर्शिता, भरोसा और प्रौद्योगिकी आधारित दृष्टिकोण अब है उतना पहले कभी नहीं रहा। आज़ादी के बाद पहली बार हमारे डिफेंस सेक्टर में इतने बड़े सुधार हो रहे हैं, अटकाने-लटकाने वाली नीतियों की जगह सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। आजादी के बाद देश की सत्ता में रही सरकारों पर आयुध निमार्णियों के प्रति उदासीन रूख अपनाने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन पर ध्यान नहीं दिया गया और न ही इन्हें उन्नत बनाने के लिए नयी प्रौद्योगिकी अपनायी गई। पूर्ववर्ती सरकारों पर इन योजनाओं को लटकाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के गठन का काम पिछले 15-20 वर्षों से लटका हुआ था। विश्व युद्ध के समय भारत की ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रीज़ का दम-खम दुनिया ने देखा है। हमारे पास बेहतर संसाधन होते थे, वर्ल्ड क्लास स्किल होता था। आज़ादी के बाद हमें जरूरत थी इन फैक्ट्रीज़ को अपग्रेड करने की, न्यू एज टेक्नोलॉजी को अपनाने की! लेकिन इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया। अब आजादी के 75 वें वर्ष में देश नये संकल्पों के साथ सपनों को पूरा करने में लगा है। इस वर्ष भारत ने अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के इस अमृतकाल में देश एक नए भविष्य के निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है। जो काम दशकों से अटके थे, उन्हें पूरा भी कर रहा है। 41 ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रीज़ को नए स्वरूप में किए जाने का निर्णय, 7 नई कंपनियों की ये शुरुआत, देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा हैं। ये निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी सात कंपनियां आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा आधार बनेंगी। पीएम मोदी ने नई स्टार्ट अप कंपनियों से इन सात कंपनियों से जुड़कर रक्षा क्षेत्र में देश को मजबूत बनाने का आह्रवान भी किया। उन्होंने कहा कि मैं देश के स्टार्टअप्स से भी कहूंगा, इन 7 कंपनियों के जरिए आज देश ने जो नई शुरुआत की है, आप भी इसका हिस्सा बनिए। आपकी रिसर्च, आपके उत्पाद कैसे इन कंपनियों के साथ मिलकर एक-दूसरे की क्षमताओं से लाभान्वित हो सकते हैं, इस ओर आपको सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने ऐसे 100 ऐसे सामरिक उपकरणों की सूची बनाई है जिनके आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और घरेलू कंपनी अब इन उत्पादों को बनाकर रक्षा क्षेत्र में देश को मजबूत बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि इन नयी कंपनियों को देश ने हाथों हाथ लिया है और इनके लिए अभी से 65 हजार करोड़ रुपए के आर्डर पहले ही दे दिए गये हैं। इन सात नई कंपनियों के लिए भी देश ने अभी से ही 65 हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर्स प्लेस किए हैं। ये हमारी डिफेंस इंडस्ट्री में देश के विश्वास को दिखाता है। पिछले सात वर्षों में देश ने ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ अपने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का काम किया है। गौरतलब है कि जिन सात नई रक्षा कंपनियों को सूचीबद्ध किया गया है उनमें शामिल म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (अवनी), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया), ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) शामिल हैं। बता दें कि देश की सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने हमेशा अपनी भावनाओं का इजहार किया है।