फाइजर की कोरोना वैक्सीन का जल्द होगा इस्तेमाल
संवाददाता/in24 न्यूज़.
फाइजर कंपनी अपने बनाए कोविड-19 टीके के इमरजेंसी में इस्तेमाल की परमिशन लेने की कोशिश कर रही है। दवा निर्माता कंपनी फाइजर की भारतीय यूनिट ने टीके के इस्तेमाल की औपचारिक मंजूरी के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के समक्ष आवेदन किया है। फाइजर ने उसके कोविड-19 टीके को ब्रिटेन और बहरीन में ऐसी ही मंजूरी मिलने के बाद ये अनुरोध किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दवा नियामक को दायर किए गए अपने आवेदन में कंपनी ने देश में टीके के आयात एवं वितरण के संबंध में मंजूरी दिये जाने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, दवा एवं क्लीनिकल परीक्षण नियम, 2019 के विशेष प्रावधानों के तहत भारत की आबादी पर क्लीनिकल परीक्षण की छूट दिए जाने का भी अनुरोध किया है। एक सूत्र ने कहा कि फाइजर इंडिया ने भारत में उसके कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए चार दिसंबर को डीजीसीआई के समक्ष आवेदन किया है। ब्रिटेन ने बुधवार को फाइजर के कोविड-19 टीके को आपातकालीन उपयोग के लिए अस्थायी मंजूरी प्रदान की थी। ब्रिटेन के बाद बहरीन शुक्रवार को दुनिया का दूसरा देश बन गया है। जिसने दवा निर्माता कंपनी फाइजर और उसके जर्मन सहयोगी बायोएनटेक की ओर से विकसित कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की औपचारिक मंजूरी दी है। दवा कंपनी पहले ही अमेरिका में ऐसी ही मंजूरी के लिए आवेदन कर चुकी है। वहीं रूस ने अपने ही देश में विसकित कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण प्रोग्राम की शुरुआत कर दी है। रूस की राजधानी मॉस्को में शनिवार को कोविड-19 के टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। जानकारी के मुताबिक, ये टीका सबसे पहले उन लोगों को दिया जा रहा है, जिनके संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। रूस अपने ही देश में विकसित 'स्पूतनिक वी' नामक टीके का उपयोग कर रहा है। रूस में शनिवार को शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण टीकाकरण के लिये उच्च जोखिम वाले समूहों में शामिल हजारों की संख्या में चिकित्सकों, शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीन दिन पहले बड़े पैमाने पर कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद टीकाकरण की शुरूआत हुई है। बता दें कि कोरोना की रफ़्तार भी धीरे-धीरे कम हो रही है.