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बर्ड फ्लू से विलुप्त प्रजातियों पर ख़तरा

12 Jan, 2021 1113

संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना संकट के बीच बर्ड फ्लू की कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. इसे सबसे बड़ा नुकसान यह सामने आया है कि इससे विलुप्त होती प्रजातियों पर खतरा मंडराने लगा है. देशभर में कोरोना वायरस के बाद बर्ड फ्लू का संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है. इस बीच बर्ड फ्लू की बीमारी शहरों से निकलकर जंगलों में फैलने लगी है. देश के 10 राज्यों में एवियन इन्फ्लुएंजा फैलने की पुष्टि हो चुकी है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जानकारी दी कि बर्ड फ्लू हिमाचल प्रदेश, गुजरात तथा केरल के जंगलों में भी मिलने लगा है. बताया जा रहा है कि कई प्रवासी बत्तख बर्ड फ्लू से संक्रमित पाई गई हैं. ज्यादातर राज्यों में बर्ड फ्लू ने पोल्ट्री को प्रभावित किया है. ऐसे में जंगलों में बर्ड फ्लू के फैलने से विलुप्त हो रही प्रजातियों पर खतरा मंडराने लगा है. बर्ड फ्लू का जंगलों में पहला मामला हिमाचल प्रदेश के पोंग डैम में मिला था. अब खबरें आ रही हैं कि केरल तथा गुजरात के जंगलों में भी बर्ड फ्लू के केस मिले हैं. इन जंगलों मेंं भी बर्ड फ्लू से बत्तखों की प्रजातियां प्रभावित हुई हैं. जंगलों में बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय मत्स्य विभाग जैसी अन्य एजेंसियों की मदद ले रहा है. गौरतलब है कि हरियाणा में वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकने के लिए संक्रमित पक्षियों को मारने की कार्रवाई शुरू की गई है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आ रहे पोल्ट्री उत्पादों पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी है. हिमाचल में अब तक 4,357 प्रवासी जल पक्षियों की मौत हो चुकी है. यूपी के शाहजहांपुर तथा बलिया में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की मौत की ताजा घटनाएं सामने आईं. इसकी रोकथाम के लिए योगी सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है. वहीं कानपुर चिड़ियाघर में मरे कुछ पक्षियों में बर्ड फ्लू पाया गया. इसके बाद लखनऊ प्राणी उद्यान प्रशासन ने पक्षियों के बाड़े को दर्शकों के लिए बंद कर दिया है. साथ ही अब चिकेन खाने वालों में भी असमंजस और का माहौल देखने को मिल रहा है.

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