भारतीय महिला हॉकी टीम की हार के बाद पीएम मोदी ने किया ट्वीट
संवाददाता/in24 न्यूज़।
ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम को कांस्य पदक के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन के हाथों 3-4 से करारी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय महिला टीम की हार के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया और कहा कि हम एक पदक से चूक गए, लेकिन भारतीय महिला टीम न्यू इंडिया की भावना को दर्शाती है। हालांकि, भारतीय टीम ने ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी। 2016 के रियो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली ग्रेट ब्रिटेन को भारत के खिलाफ मैच जीतने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक वक्त 3-2 पिछड़ रही ब्रिटेन आखिरी क्वार्टर में बढ़त बना पाई। इसलिए भारत मैच हारकर भी लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहा। टीम इंडिया भले ही कांस्य पदक नहीं जीत पाई हो, लेकिन उसने टोक्यो में अपने अभियान का अंत चौथे स्थान पर रहकर किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि हम टोक्यो ओलंपिक में अपनी महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। टीम के प्रत्येक सदस्य को उल्लेखनीय साहस, कौशल और लचीलापन का शानदार प्रदर्शन किया। भारत को इस शानदार टीम पर गर्व है। दूसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि हम महिला हॉकी में एक पदक से चूक गए, लेकिन यह टीम न्यू इंडिया की भावना को दर्शाती है, जहां हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं और नए मोर्चे बनाते हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि ओलंपिक में टीम की सफलता भारत की युवा बेटियों को हॉकी को अपनाने और इसमें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। इस टीम पर गर्व है। जानकारी के लिए बता दें इससे पहले 1980 में भी भारतीय महिला हॉकी टीम चौथे स्थान पर रही थी। उस वक्त मुकाबले राउंड रोबिन आधार पर हुए थे और टॉप की दो टीमों के बीच फाइनल खेला गया था। कांस्य पदक के मुकाबले में शुरुआती 15 मिनट के खेल में भारतीय टीम अपनी लय पाने की कोशिश करती दिखी। इस वजह से टीम इंडिया खराब डिफेंस एक फिर सामने आया। इसका पूरा फायदा ब्रिटेन ने उठाया और 2-0 की बढ़त के साथ टीम इंडिया को दबाव में डाल दिया। इसके बाद टीम इंडिया ने शानदार वापसी की और हाफ टाइम में 3-2 की बढ़त के साथ ब्रिटेन को बैकफुट पर ला दिया। इसके बावजूद ब्रिटेन ने लगातार अपने अटैक के जरिए भारत की परीक्षा ली। यहीं, टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी जीत के रास्ते में पत्थर बन गई। लेकिन हार-जीत तो खेल का हिस्सा है। ये बात तो तय है कि भारतीय हॉकी टीम ने आखिर तक जीतने के जज़्बे को कायम रखा और बस यह देखकर हर भारतीय उनके प्रदर्शन को देख संतुष्ट और खुश है। भारत की छोरियों ने मेडल तो नहीं लेकिन दिल जीत लिया है।