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वेब पोर्टल्स और यूट्यूब चैनलों पर चलने वाले फेक न्यूज से सुप्रीम कोर्ट चिंतित

02 Sep, 2021 665

संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज के दौर में फेक न्यूज़ ने चिंता बढ़ाने का काम किया है। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नियामक तंत्र के अभाव में वेब पोर्टल्स और यूट्यूब चैनलों पर चलने वाले फेक न्यूज पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिना किसी जवाबदेही के वेब पोर्टल पर सामग्री परोसी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे कुछ भी प्रसारित कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि इस देश में सब कुछ एक सांप्रदायिक कोण से दिखाया जाता है। आज मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र को मरकज निजामुद्दीन में एक धार्मिक सभा से संबंधित फर्जी समाचार के प्रसार को रोकने और सख्त कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।  मुख्य न्यायाधीश  एनवी रमना ने कहा कि ऐसा लगता है कि वेब पोर्टल पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। वो जो चाहे चलाते हैं, उनकी कोई जवाबदेही भी नहीं है। वे हमें कभी जवाब नहीं देते। वो संस्थाओं के खिलाफ बहुत बुरा लिखते हैं। लोगों के लिए तो भूल जाओ, संस्थान और जजों के लिए भी कुछ भी मनमाना लिखते रहते हैं, हमारा अनुभव यह रहा है कि वे केवल वीआईपी की आवाज सुनते हैं। उन्‍होंने कहा कि आज कोई भी अपना टीवी चला सकता है। यूट्यूब पर देखा जाए तो एक मिनट में इतना कुछ दिखा दिया जाता है।  मुख्य न्यायाधीश ने खा कि मैंने कभी फेसबुक, ट्विटर  और यू ट्यूब द्वारा कार्यवाही होते नहीं देखी, वो जवाबदेह नहीं हैं वो कहते हैं कि ये हमारा अधिकार है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग की दिखाई खबरों को सांप्रदायिक रंग दिया गया था, इससे देश की छवि खराब हो सकती है। अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या इससे निपटने के लिए कोई तंत्र है? आपके पास इलेक्ट्रानिक मीडिया और अखबारों के लिए तो व्यवस्था है लेकिन वेब पोर्टल के लिए कुछ करना होगा। कई हाईकोर्ट्स में इन दोनों कानूनों को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं लंबित हैं। बेंच ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर हर चीज और विषय को सांप्रदायिक रंग क्यों दे दिया जाता है? बता दें कि आजकल अनेक ऐसे पोएर्ल हैं जो फेक न्यूज़ को बढ़ावा देते दिखते हैं और जिसपर किसी तरह की अंकुश नहीं है।

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