सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को लगाई कड़ी फटकार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को हो रही समस्याओं पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बेहद नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया काफी धीमी है, इसे तेज किया जाना चाहिए ताकि योजनाओं के लाभ उन तक पहुंच पाए। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर फटकार लगाते हुए कहा कि हम आपके प्रयासों से संतुष्ट नहीं हैं। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजनाओं का लाभ प्रवासी कामगारों सहित सभी पात्र लोगों को मिले और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हम असंगठित क्षेत्रों में मजदूरों के पंजीकरण के मुद्दे पर केंद्र, राज्यों के प्रयासों से संतुष्ट नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार लाख रुपये अनुग्रह राशि दिए जाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। अदालत ने कोविड-19 से मरने वाले लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए समान नीति की मांग वाली याचिका पर भी केंद्र से जवाब मांगा है। बता दें कि लॉकडाउन में प्रवासी मज़दूरों को अपने मूल निवास तक जाने में किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिली।