अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट के उपचुनाव में मशाल बनाम ढाल -तलवार की जंग
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र की राजनीतिक हुए फेरबदल के बाद मुंबई में होने वाले उपचुनाव में मशाल बनाम ढाल- तलवार की जंग देखने को मिल रही है. अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर 3 नवंबर को होने वाले उप चुनाव में शिवसेना में बगावत के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट की पहली अग्नि परीक्षा होगी। उद्धव के साथ कांग्रेस - एनसीपी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है तो शिंदे के साथ बीजेपी भी कंधे से कंधा मिलाकर ताल ठोकने को तैयार है। अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच नहीं बल्कि महाविकास आघाडी और एनडीए के बीच का मुकाबला है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पार्टी पर वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों की दावेदारी के चलते शिवसेना के चुनाव निशान धनुष बाण और पार्टी के नाम को चुनाव आयोग ने फ्रीज कर दिया है। जिसके बाद चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे को बतौर चुनाव चिन्ह मशाल और शिंदे गुट को ढाल तलवार दिया है. अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट शिवसेना से विधायक रहे रमेश लटके का निधन हो जाने से खाली हुई थी. वहीं इस उपचुनाव में शिंदे गुट ने मुंबई नगर निगम के पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि उद्धव ठाकरे ने दिवंगत रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा लटके को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. ऋतुजा लटके को एनसीपी और कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है. जबकि बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय शिंदे गुट के उम्मीदवार के साथ है।