ईडी की डर से अजित पवार गुट ने छोड़ी एनसीपी, एनडीए में हुए शामिल - शरद पवार
संवाददाता/in24 न्यूज़।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के बयान से एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी शुरू हो गई है. हालही में शरद पवार ने कहा है कि हमारी पार्टी के कुछ लोग ईडी और अन्य जांच एजेंसियों की जांच के डर से एनडीए में शामिल हो गए हैं. उनमें से कई नेता प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में थे और वे जांच का सामना करना नहीं चाहते थे.अपने भतीजे अजित पवार का नाम लिए बिना सीनियर पवार ने कहा कि हाल ही महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए कुछ लोग कह रहे थे कि वे विकास के लिए सरकार में शामिल हो रहे हैं, लेकिन यह सच नहीं है. उनमें से कुछ लोग ईडी की जांच के दायरे में थे और वे जांच का सामना नहीं कर सकते थे सच तो यह है कि ईडी के डर से अजित पवार और उनके गुट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छोड़ी है.
सोशल मीडिया पर पार्टी की ओर से आयोजित एक बैठक में एनसीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा,अनिल देशमुख जैसे कुछ लोगों ने जांच का सामना किया और जेल जाना स्वीकार किया. उन्होंने जेल में 14 महीने बिताए. उन्हें जांच से बचने के लिए उस पक्ष यानी बीजेपी में शामिल होने की पेशकश भी की गई, लेकिन उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी और एनसीपी नहीं छोड़ने के अपने फैसले पर अड़े रहे. शरद पवार ने कहा कि अनिल देशमुख ने कोई अपराध नहीं किया है और कानून का सामना करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को महाराष्ट्र की जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. राज्य कई समस्याओं का सामना कर रहा है. लोग बेरोजगारी जैसी समस्या से जूझ रहे हैं. वहीं, किसान भी पीड़ित हैं. बता दें कि हाल ही में अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे. इसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि एनसीपी के आठ अन्य विधायकों ने भी जुलाई में मंत्री पद की शपथ ली थी.