उत्तरप्रदेश में हाथी होगा सायकल पर सवार
21 Aug, 2017
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ब्यूरो रिपोर्ट / in 24 न्यूज़
देशभर में बीजेपी के बढ़ रहे वर्चस्व को देखते हुए तमाम विपक्षी दल अब एक जुट होकर बीजेपी के विजय रथ को रोकने की कोशिश में जुटे हुए है. नीतीश कुमार के बीजेपी के संग हाथ मिलाने के बाद बागी बन चुके जेडयू नेता शरद यादव के बाद अब बीएसपी ने भी सामाजिक न्याय के नाम पर विपक्ष को एकजुट होने की अपील की है.
बीएसपी कभी गठबंधन की राजनीति से तौबा करती रही हैं, वहीं आज इस की पहल कर रही हैं. बीएसपी ने अपने ट्विटर के जरिए एक फोटो पोस्ट की है. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सामाजिक न्याय के नाम पर विपक्ष एक हो. इतना ही नहीं इस फोटों में कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी, जेडयू नेता शरद यादव, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ अखिलेश यादव के भी फोटो है. इन सभी नेताओं में मायावती की बड़ी फोटो है बाकी सब नेताओं की फोटो बराबर है.की है.
पोस्टर में मायावती की बड़ी फोटो का क्या मतलब निकलता है,ये समझने की जरुरत नहीं है पर सवाल ये उठता है, कि क्या एकजुट हो रहे सभी दल उनके नेतृत्व में आगे की रणनीति बनाने पर राज़ी होंगे और अगर ऐसा हो भी गया तो ये गठजोड़ कब तक कायम रहेगा ?पहले भी इस तरह के गठजोड़ होते रहे हैं और उनका हश्र क्या हुआ इस जानकारी से भी आप भलीभांति वाकिफ हैं. बीजेपी का वर्चस्व बढ़ाने में इन विपक्षी दलों (जो आज एक जुट होने की कोशिश कर रहे हैं ) का भी बड़ा योगदान रहा है. अपने शासन काल में इन सभी पार्टियों के नेता ने देश की अवाम को एक हद तक नाराज़ किया जिसका खामियाजा भी इन्हे भुगतना पड़ा कि आज इनके हाथ से सत्ता कोसो दूर चली गई है और अब ये अकेले के बल पर बीजेपी का विरोध भी नहीं कर पा रहे है. ऐसे में इस धारणा को नकारा नहीं जा सकता कि एकजुट होने की इनकी ये कोशिश तो अच्छी है पर ये यथार्थ के धरातल पर इसका संभव होना बेहद मुश्किल है