उद्धव होंगे सीएम तो थोरात और जयंत पाटिल होंगे डिप्टी सीएम
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र में जिस तरह इस्तीफे का दौर शुरू हुआ और नई बननेवाली सरकार की चर्चा चल रही है, इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाज़ार गर्म हो चुका है. महाराष्ट्र में चल रहे सियासी ड्रामे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. अजित पवार के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के अनुसार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में गुरुवार को एक नई सरकार शपथ लेगी. इसके तहत उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ लेंगे. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेता आज शाम 7 बजे राज्यपाल से मिलेंगे. इस दौरान वह राज्यपाल के पास राज्य में सरकार बनाने के प्रस्ताव पेश करेंगे. सूत्रों का कहना है कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री, बाबासाहेब थोरात और जयंत पाटिल डिप्टी मुख्यमंत्री बनेंगे. अब तीनों दल के नेता सरकार बनाने में कोई देरी नहीं करेंगे. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे सीएम पद, बालासाहेब थोरात और जयंत पाटिल डिप्पी सीएम की कल शपथ लेंगे. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले अजित पवार ने एनसीपी के नेताओं से सीक्रेट मीटिंग की थी. इस सीक्रेट मीटिंग में छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल समेत कई नेताओं ने अजित पवार से इस्तीफा देने की मांग की थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने शिवसेना-बीजेपी को बहुमत दिया था. लेकिन शिवसेना ने नतीजों के बाद अपना मन बदल दिया. शिवसेना से बीजेपी ने ढाई-ढाई साल का वादा नहीं किया था. हमने पहले ही अपना रूख उनके सामने साफ कर दिए थे. अमित शाह ने साफ किया था कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा. उन्होंने आगे बताया कि लेकिन शिवसेना ने अपना रुख बदल लिया. हमसे बात करने की बजाये उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी से बात की. शिवसेना ने अपने विकल्प खुले रखे थे. बिना विचारधारा वाले पार्टियों के साथ उन्होंने गठबंधन किया. बीजेपी को सत्ता से दूर रखने की पूरी कोशिश की गई. देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि जनता ने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को चुना था. हमारे पास 105 विधायक हैं. गठबंधन को जनादेश मिला था. हमने सरकार बनाने की कोशिश की. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन जब बहुमत साबित करने की बात आई तो अजित पवार ने मुझसे मिलकर कहा मैं गठबंधन जारी नहीं रख सकता और अलग होने की बात कही. उन्होंने कहा कि अब हमारे पास बहुमत नहीं है. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना नेता लाचारी में सोनिया गांधी के सामने नतमस्तक हो गए. हमें उम्मीद है कि नई सरकार अच्छा काम करेगी. लेकिन तीन पहियों वाली सरकार चलना काफी मुश्किल है. उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना उन वादों को लेकर अड़ गई थी जिन्हें बीजेपी ने किया ही नहीं.