एकनाथ खड़से पर ईडी ने की सवालों की बौछार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भ्रष्टाचार में भी जमकर घपलेबाज़ी होती है. पुणे स्थित भोसरी एमआयडीसी की सरकारी ज़मीन को दो लाख में खरीदकर सात करोड़ में बेचने और मंत्री पद का दुरुपयोग करने के प्रकरण में आज राकांपा के नेता एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा चौधरी ईडी के दफ्तर में हाजिरी लगाई। इस समय ईडी की ओर से कई सवालों की बौछार एकनाथ खडसे पर की गई। 30 दिसंबर 2020 को पूछताछ के वास्ते खडसे को समन भेजा गया था। इसी बीच खडसे कोरेना संक्रमित होने के कारण 14 दिनों तक क्वारंटाइन में चले गए थे। ठीक होने के बाद आज ईडी के समक्ष हाजिर हुए। एकनाथ खडसे पर आरोप है कि जब वो महाराष्ट्र के मंत्री थे तब पुणे के पास भोसरी एमआयडीसी का एक सरकारी भूखंड मात्र दो लाख रुपये में खरीदा। फिर उसी भूखंड को सात करोड में बेचकर पैसा पत्नी मंदाकिनी और दामाद गिरीश चौधरी, बेटी शारदा चौधरी के फॉर्मों में ट्रांसफर करवाया। पद का खुलेआम दुरुपयोग किया ऐसा साबित हो गया। यह मामला 2016 का है और करीबन तीन एकड भूखंड का है। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में खडसे राजस्व मंत्री थे। कंस्ट्रक्शन फील्ड से जुडे हेमंत गवांडे नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर 2017 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया था। इस पूरे मामले में लगता है कि एकनाथ खडसे की परेशानी बढ़ने वाली है.