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छह समन के बाद भी हाजिर नहीं होने पर हेमंत सोरेन के खिलाफ कोर्ट जा सकती है ईडी

14 Dec, 2023 1520

संवाददाता/in24 न्यूज़.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ वारंट और कार्रवाई के विकल्पों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) विचार कर रही है। सोरेन ईडी के छह समन को नजरअंदाज कर चुके हैं। उन्होंने समन की हर तारीख पर जवाबी पत्र भेजा, लेकिन वे एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। एजेंसी अब उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी कराने और उनकी गिरफ्तारी के विकल्पों पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रही है। जमीन घोटाले की जांच कर रही ईडी ने सोरेन को आखिरी समन बीते दस दिसंबर को जारी किया था और उन्हें 12 दिसंबर को एजेंसी के रांची स्थित जोनल ऑफिस में दिन के 11 बजे उपस्थित होने को कहा था। सोरेन के ईडी के दफ्तर पहुंचने की संभावना को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे दिन ईडी दफ्तर के बाहर गहमागहमी रही, लेकिन सोरेन हाजिर नहीं हुए। वह दोपहर तीन बजे ईडी के दफ्तर के ठीक सामने से गुजरते हुए रांची एयरपोर्ट चले गए और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए दुमका के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें आपकी सरकार, आपके द्वार अभियान के तहत पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम में उपस्थित होना था। सोरेन ने दुमका में जनसमूह को संबोधित करते हुए ईडी के समन का जिक्र किए बगैर कहा कि कुछ लोगों को संदेह था कि मैं आज यहां इस कार्यक्रम में रहूंगा या नहीं, लेकिन मैं आपके बीच हूं।बता दें कि ईडी की ओर से भेजे जा रहे समन को सीएम हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका सुने बगैर हाईकोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर ईडी के समन को निरस्त करने का आग्रह किया, लेकिन यहां चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने बीते 13 अक्टूबर को उनकी खारिज करते हुए समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने अपनी दलील में कहा था कि सीएम सोरेन ने समन का पहले ही उल्लंघन किया है। वे ईडी के किसी भी समन पर उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में उनका समन को चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं है, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जा सकती है। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, अदालत से याचिका खारिज होने के बाद सोरेन के पास पूछताछ के लिए उपस्थित न होने के कानूनी विकल्प भी नहीं हैं। एजेंसी अब सोरेन के खिलाफ जांच में असहयोग का हवाला देते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी करवा सकती है। ईडी के मुख्यालय में भी इस बात पर विचार चल रहा है।

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