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पीएम मोदी के साथ कैबिनेट की मीटिंग में महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन लगाने पर चर्चा

12 Nov, 2019 1058

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर दी गई है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्‍स देशों के शिखर सम्‍मेलन के लिए ब्राजील रवाना होने से पहले मंगलवार दोपहर बाद कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई, जिसमें महाराष्‍ट्र के ताजा राजनीतिक हालात को लेकर चर्चा हुई. राज्‍यपाल भगत सिंह कोशियारी ने एक दिन पहले एनसीपी को सरकार बनाने का न्‍यौता दिया था और उन्‍हें समर्थन पत्र दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था. 24 घंटे की यह डेडलाइन आज यानी मंगलवार शाम को खत्‍म हो रही है.  इससे पहले महाराष्‍ट्र के राजभवन ने राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की अटकलों को खारिज किया था, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में खबर आई थी कि राज्‍यपाल भगत सिंह कोशियारी ने मंगलवार को राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर दी है. एक दिन पहले ही राज्‍यपाल भगत सिंह कोशियारी ने एनसीपी को सरकार बनाने का न्‍यौता दिया था. एनसीपी से पहले राज्‍यपाल ने बीजेपी और शिवसेना को अलग-अलग सरकार बनाने का न्‍यौता दिया था. बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया था, जबकि शिवसेना ने 24 घंटे की और मोहलत मांगी थी. राज्‍यपाल ने शिवसेना को मोहलत देने से इनकार करते हुए तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर दिया. एनसीपी को सरकार बनाने के लिए 24 घंटे में समर्थन पत्र जुटाने को कहा गया है. एनसीपी को राज्‍यपाल का न्‍यौता मिलने से सभी राजनीतिक दल भौंचक रह गए हैं. अब तक शायद ही किसी राज्‍यपाल ने तीसरे नंबर की पार्टी को सरकार बनाने का न्‍यौता दिया हो. राज्‍यपाल के न्‍यौते के साथ ही राज्‍य की राजनीति में सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं. कांग्रेस ने अपने तीन वरिष्‍ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल, मल्‍लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल को मुंबई रवाना कर दिया है. बताया जा रहा है कि वहां कांग्रेस के तीनों नेता एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बात करेंगे. कांग्रेस सीधे-सीधे शिवसेना के साथ जाने से बच रही है, इसलिए इस समय महाराष्‍ट्र की राजनीति में एनसीपी चीफ शरद पवार केंद्रबिंदु बने हुए हैं. शिवसेना भी उन्‍हीं से बात कर रही है और कांग्रेस भी. कांग्रेस और शिवसेना का आपस में कोई संवाद नहीं है. उद्धव ठाकरे की बात को शरद पवार सोनिया गांधी तक पहुंचा रहे हैं और सोनिया गांधी या कांग्रेस आलाकमान की बात को भी वे उद्धव ठाकरे को बता रहे हैं.
उधर शिवसेना राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. शिवसेना ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं. शिवसेना का यह भी आरोप है कि जितना समय बीजेपी को दिया गया उतना शिवसेना को क्यों नहीं!  

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