बदरूद्दीन अजमल के बढ़ते सियासी कद से सेना प्रमुख हैं चिंतित !
22 Feb, 2018
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सौम्य सिंह/in24 न्यूज़
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन सिंह रावत के बांग्लादेशी नागरिकों की असम में घुसपैठ और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पर दिए गए बयान से राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। रावत ने कहा कि जितनी तेजी से देश में बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ उतनी तेजी से असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ बढ़ी है जो चिंताजनक है ।
आपको बता दें कि अजमल के जबरदस्त उभार के पीछे उनकी अपनी सियासी सूझबूझ के अलावा हालात का भी अच्छा-खासा योगदान है। एआइयूडीएफ का गठन वर्ष 2005 में हुआ था, उसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद अवैध आप्रवासी कानून (आइएमडीटी) को रद्द कर दिया था। इसके लिए सर्बानंद सोनोवाल (असम के सीएम) ने उस वक्त ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन के नेता के तौर पर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी, जिसके बाद अदालत का यह फैसला आया था।
आइएमडीटी कानून ने अवैध आप्रवासियों की पहचान की जिम्मेदारी न्यायाधिकरणों पर डाल दी थी और संदिग्ध लोगों की नागरिकता को साबित करने का भार शिकायत करने वालों पर डाल दिया था। आप्रवासी मुसलमान मानते हैं कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार का बनाया गया यह कानून उन्हें उत्पीड़न से बचाने वाला था।