बिना एचआईवी के सदमे से मर गई महिला मरीज़
संवाददाता/in24 न्यूज़।
एचआईवी का नाम सुनकर ही मरीज की हालत पतली हो जाती है, यही कारण है कि अमूमन किसी मरीज़ को उसकी गंभीर बीमारी के बारे में नहीं बताया जाता. मगर आज भी कुछ डॉक्टर हैं जो खुद की ज़िम्मेदारी नहीं समझते और मरीज़ को वे खुद बता देते हैं कि तुम्हें किस तरह की बीमारी है. गौरतलब है कि हिमाचल में एक 20 वर्षीय महिला की सदमे से मौत हो गई जब उसे पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है. बाद में परीक्षण से पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी, जैसा कि पहले बताया गया था. इस मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार महिला की आठ महीने पहले ही शादी हुई थी, जब उसे इस बारे में पता चला तो वह कोमा में चली गई. महिला को उसकी प्रेग्नेंसी के इलाज के लिए रोहड़ू के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था और फिर सर्जरी के लिए शिमला के एक अस्पताल में भेजा गया. शिमला अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव रिपोर्ट देखकर, डॉक्टरों ने उसके पति को भी परीक्षण करने के लिए कहा. महिला ने इस बातचीत को सुना और एक कोमा में चली गई. बाद में एचआईवी की दोबारा जांच के लिए इसे शिमला इंटरग्रटेड एंड टेस्टिंग सेंटर जांच के लिए भेजा गया. लेकिन तब तक महिला की हालत काफी गंभीर हो गई थी और मंगलवार अस्पताल में उसकी मौत हो गई. वह एचआईवी के सदमे और कलंक को सहन नहीं कर सकी. हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, उन्होंने कहा कि निजी क्लिनिक के खिलाफ गलत एचआईवी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी.