कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर मचा सियासी घमासान

 11 May 2024  139
संवाददाता/in24 न्यूज़।
 
देश में जब भी चुनाव होते हैं तो कांग्रेस पार्टी के नेता अपने ही दल को डूबाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं। 2014 के बाद से अब तक कई ऐसे चुनाव हुए हैं जहां कांग्रेस को अपने ही नेताओं की बयानबाजी की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है.जब भी किसी चुनाव में बीजेपी के लिए कांग्रेस मुश्किलें खड़ी करती है तो उसके नेता मानो अपना बीजेपी प्रेम दिखाने लगते हैं और कुछ ऐसे बयान दे जाते हैं की सारी की सारी मुश्किलें अपने आप मुड़कर कांग्रेस की तरफ आ जाती है और फिर कांग्रेस बीजेपी से लड़ने की बजाय अपने ही आपको बचाने में जुटी रहती है.कांग्रेस पार्टी की राहें मुश्किल करने वाले नेताओं की फेहरिस्त बड़ी लंबी है लेकिन उनमें सबसे मशहूर नाम है मणि शंकर अय्यर के इस बयान में उनका पाकिस्तान प्रेम भी झलक रहा है.अय्यर ने इससे पहले भी कई बयान दिए हैं जिसकी वजह से कांग्रेस की लुटिया डूब चुकी है.चाहे वो पीएम मोदी को नालायक, नीच और चायवाला कहना हो या फिर प्रभू श्रीराम के जन्म पर सवाल खड़े करना. इन तमाम बयानों के बाद अब एक बार फिर उन्होंने पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दे दिया है.विरासत टैक्स और भारतीयों को लेकर रंगभेदी टिप्पणी करने वाले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैम पित्रोदा के बाद अब अय्यर ने अपने विवादित बयान से कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है.
 
      मणिशंकर अय्यर ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत को पाकिस्तान की इज्जत करनी चाहिए क्योंकि पड़ोसी मुल्क के पास परमाणु बम हैं.अगर हम उन्हें इज्जत नहीं देंगे तो वे भारत पर परमाणु हमला करने की सोच सकते हैं. अय्यर ने अपने बयान में कहा कि भारत को ये नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के पास भी परमाणु हैं. मुझे ये समझ नहीं आता कि मौजूदा सरकार ये क्यों कहती है कि हम पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे क्योंकि वहां आतंकवाद है. ये समझना जरूरी है कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए चर्चा बहुत जरूरी है. वरना, पाकिस्तान सोचेगा कि भारत अहंकार के साथ हमें दुनिया में छोटा दिखा रहा है. ऐसे में पाकिस्तान में कोई भी पागल इन बम का इस्तेमाल कर सकता है.उन्होंने कहा कि उनके पास परमाणु बम हैं. हमारे पास भी हैं लेकिन क्या होगा अगर कोई पागल लाहौर में ये बम गिराने का फैसला कर ले. इस रेडिएशन को अमृतसर पहुंचने में आठ सेकंड भी नहीं लगेंगे.अगर हम उनकी इज्जत करेंगे तो वे शांत बने रहेंगे लेकिन अगर हम उन्हें छोटा दिखाते रहेंगे तो कोई पागल आएगा और बम गिरा देगा.कांग्रेस नेता का कहना है कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि हम ये सोचें कि हमारी समस्याओं का हल कैसे निकलेगा? ये काम विशेषज्ञों का है. मेरा बस इतना कहना है कि घृणा दिखाकर या बंदूक दिखाकर आप स्थितियों में सुधार नहीं कर सकते है। हमें ये समझना होगा कि पाकिस्तान भी एक संप्रभु राष्ट्र है, उनकी भी इज्जत है.हमें उनकी इज्जत को कायम रखते हुए कड़ी से कड़ी बात करनी चाहिए. अब क्या हो रहा है? हम बातचीत नहीं कर रहे हैं, इससे तनाव बढ़ता जा रहा है.
 
        मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हमने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को मजबूती देने में बहुत मेहनत की है.लेकिन बीते 10 साल से सारी बातचीत बंद है. उन्होंने कहा कि हमें मसल्स यानी ताकत तब दिखाने चाहिए, जब सामने वाले के पास मसल्स ना हो. उनके मसल्स रावलपिंडी के कहुटा में पड़े हैं.अगर गलतफहमी फैल जाएगी तो बहुत दिक्कत होगी। इससे पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहते हुए सैम पित्रोदा ने भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों की विवादित रूप से तुलना की थी.सैम पित्रोदा ने कहा था कि भारत एक अत्यंत विविधता भरा देश है, जहां पूर्वी भारत में रहने वाले लोग चीन के लोगों जैसे, पश्चिम में रहने वाले अरब जैसे, उत्तर भारत में रहने वाले श्वेतों की तरह और दक्षिण में रहने वाले अफ्रीकी लोगों की तरह दिखते हैं.लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा था कि हम अलग-अलग भाषाओं, धर्मों और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं. ये वही भारत है, जिस पर मेरा भरोसा है, जहां हर किसी का सम्मान है और हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है. उनके इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.इससे पहले सैम पित्रोदा के विरासत टैक्स को दिए बयान पर विवाद हो गया था.उन्होंने ये बयान राहुल गांधी की उस टिप्पणी के जवाब में दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस सरकार में आई तो एक सर्वे कराया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है. उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पित्रोदा ने अमेरिका में लगने वाले विरासत टैक्स का जिक्र किया था.वैसे आपको बता दें कि कांग्रेस नेताओं के यह बयान हमेशा पार्टी को नुकसान पहुंचाने आए हैं.वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि पित्रोदा और मणि शंकर अय्यर के यह बयान कांग्रेस के लिए कितने घातक साबित होते हैं. सैम पित्रोदा के बयान पर अभी घामसान थमा भी नही था कि अब अय्यर के बयान पर विवाद शुरू हो गया है.बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं.अब देखना होगा कि कांग्रेस अपने नेताओं की बयान बाजी से किस तरह से छुटकारा पाती है..