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24 घंटे के भीतर अजित पवार ने क्यों की चाचा शरद पवार से मुलाकात ?

18 Jul, 2023 611
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र की सियासत में फिलहाल अजित पवार की बगावत की चर्चा जोर शोर से है. अजित पवार बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर राज्य के दूसरे उप मुख्यमंत्री बन चुके हैं। दूसरी बार इसलिए क्योंकि सरकार में पहले से ही देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं। अजित पवार के साथ उनके आठ विधायक भी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बन गए हैं. अपने चाचा शरद पवार के साथ अजित पवार इस तरह से खुलकर बगावत करेंगे ऐसा महाराष्ट्र में किसी ने सोचा नहीं था. लेकिन सत्ता का नशा ही ऐसा होता है कि इसमें बड़े से बड़े रिश्ते की कोई अहमियत नहीं होती है. हालांकि अजित पवार बगावत कर सकते हैं इस बात की आशंका बहुत से लोगों को थी. जिस तरह से शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था. उससे अजीत पवार जिनको महाराष्ट्र में अजित दादा के नाम से पुकारा जाता है. काफी नाराज थे। उनकी नाराजगी की वजह यह भी थी कि उन्हें महाराष्ट्र में भी पार्टी में कोई खासा अहमियत नहीं दी गई थी.

         एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने यह बयान दिया था कि अजित पवार महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं. जो मुख्यमंत्री के बराबर ही होता है. कुछ दिन बाद अजित पवार ने संगठन में काम करने की इच्छा जताई थी. लेकिन इसके लिए भी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दिया गया. हालांकि दादा की इच्छा के बाद यह माना जा रहा था कि जयंत पाटील को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर अजीत पवार को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है लेकिन यह सब हो पाता इसके पहले ही अजीत पवार ने पाला बदल लिया और महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. इस घटना के बाद माना जा रहा था कि शिवसेना की तरह ही एनसीपी भी दो अलग-अलग गुटों में तब्दील हो चुकी है. जिनके दोबारा मिलने के आसार बेहद कम है. हालांकि 24 घंटे के अंदर अजित पवार का अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ शरद पवार से दो बार मिलना कई सारी सियासी अटकलें को जन्म दे रहा है. मसलन लोग यह भी कह रहे हैं कि अजित पवार की बगावत का अध्याय भी शरद पवार ने लिखा है. सब कुछ उनकी मर्जी से हुआ है. आने वाले दिनों में शरद पवार भी अजीत पवार के साथ मिल जाएंगे।

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