24 घंटे के भीतर अजित पवार ने क्यों की चाचा शरद पवार से मुलाकात ?
एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने यह बयान दिया था कि अजित पवार महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं. जो मुख्यमंत्री के बराबर ही होता है. कुछ दिन बाद अजित पवार ने संगठन में काम करने की इच्छा जताई थी. लेकिन इसके लिए भी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दिया गया. हालांकि दादा की इच्छा के बाद यह माना जा रहा था कि जयंत पाटील को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर अजीत पवार को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है लेकिन यह सब हो पाता इसके पहले ही अजीत पवार ने पाला बदल लिया और महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. इस घटना के बाद माना जा रहा था कि शिवसेना की तरह ही एनसीपी भी दो अलग-अलग गुटों में तब्दील हो चुकी है. जिनके दोबारा मिलने के आसार बेहद कम है. हालांकि 24 घंटे के अंदर अजित पवार का अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ शरद पवार से दो बार मिलना कई सारी सियासी अटकलें को जन्म दे रहा है. मसलन लोग यह भी कह रहे हैं कि अजित पवार की बगावत का अध्याय भी शरद पवार ने लिखा है. सब कुछ उनकी मर्जी से हुआ है. आने वाले दिनों में शरद पवार भी अजीत पवार के साथ मिल जाएंगे।