चीन की पीआर एजेंसी है विश्व स्वास्थ्य संगठन : ट्रंप
संवाददाता/in24 न्यूज़.
जब से कोरोना वायरस ने महामारी फैलाई है तब से अमेरिका चीन से बेहद नाराज़ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन की कड़ी आलोचना की है. ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर आरोप लगाया है कि वह चीन के लिए पीआर एजेंसी की तरह काम कर रही है. ट्रंप ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को खुद पर शर्म आनी चाहिए. ट्रंप प्रशासन ने कोरोना वायरस पर डब्ल्यूएचओ की भूमिका की जांच शुरू की है और अस्थायी रूप से इसका फंड रोक दिया है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि मुझे लगता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को खुद के लिए शर्मिंदा होना चाहिए क्योंकि वह चीन के लिए एजेंसी की तरह है . ट्रंप ने यह भी दोहराया कि वह विश्व स्वास्थ्य संगठन को लगभग एक वर्ष में 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान करते हैं जबकि चीन उन्हें सालाना 38 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान करता है. स्टेट सचिव माइक पोम्पियो ने आरोप लगाया कि डब्लूएचओ कोरोना वायरस पर असफल रहा है और उसने दुनिया को गुमराह किया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि डब्ल्यूएचओ के संबंध में हम जानते हैं कि उनके पास एक ही काम और एक मिशन था, वह था महामारी के प्रसार को रोकना. हम जानते हैं कि उस संगठन के नेता ने चीन की यात्रा की और फिर इसे महामारी घोषित करने से मना कर दिया। पोम्पियो ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब चीन से दुनिया भर में वायरस फैला है और यह पहली बार नहीं है जब डब्ल्यूएचओ अपने मिशन में विफल रहा है. हम अमेरिकी लोगों का दायित्व है कि हम अपना काम करें''.कोरोना वायरस मामले में अमेरिका चीन पर लगातार आरोप लगाता रहा है. अमेरिका का कहना है कि चीन ने दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाया है.