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पीएम और राष्ट्रपति को बंधक बनाकर अफ्रीकी देश माली में तख्तापलट

19 Aug, 2020 775

संवाददाता/in24 न्यूज़.

जब किसी देश में सेना विद्रोह कर दे तो मामले की गंभीरता समझी जा सकती है. पाकिस्तान की तर्ज पर पश्चिमी अफ्रीकी देश माली में भी सेना ने देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद माली के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार शाम और रात को राजधानी बामाको में विद्रोही सैनिकों ने बड़े पैमाने पर फायरिंग की और वहां के राष्ट्रपति निवास और प्रधानमंत्री भवन को घेरकर राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधानमंत्री बाउबो सिसे को बंधक बना लिया है। पूरे देश में इस समय उथल-पुथल की स्थिति है। माली में राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से पद से हटने की मांग कर रहे थे। अब हालात हिंसक हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विद्रोही सैनिकों ने माली के राष्ट्रपति का निजी निवास घेर लिया और हवा में गोलियां चलाईं। माली में उथल पुथल का माहौल आर्मी का केंद्र रहे काटी शहर से शुरू हुआ। यहां पर सैनिक शास्त्रागार में घुस गए और हथियारों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उन्होंने सीनियर मिलिट्री अधिकारियों को बंदी बना लिया। देखते ही देखते पूरे शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी सड़क पर निकल गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने माली के न्याय मंत्री के घर को आग के हवाले कर दिया। हालांकि इस बीच प्रधानमंत्री ने सैनिकों से हथियार रखने और देश का हित सर्वोपरि रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी नहीं सुनी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका संवाद से हल नहीं हो सकता है। इससे पहले दिन में सशस्त्र सैनिक सरकारी दफ्तरों में घुस गए और वहां कब्जा करने लगे। बता दें कि माली कभी फ्रांस का उपनिवेश रहा है। माली में 2012 में भी एक तख्तापलट हुआ था, तब यहां आतंकवाद की घटनाएं बढ़ी हैं। संयुक्त राष्ट्र ने विद्रोही सैनिकों से अपील की है कि वे बिना शर्त राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिहा करें। बता दें कि इसके पहले पकिस्तान में नवाज़ शरीफ सरकार का तख्ता पलटकर परवेज मुशर्रफ राष्ट्रपति बन गए थे.

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