इस्राइल-ईरान टकराव: परमाणु संयंत्रों पर हमले के बाद खामेनेई की चेतावनी
इस्राइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस्राइल द्वारा ईरान के परमाणु संयंत्रों पर किए गए हमले के बाद अब ईरान ने खुलकर चेतावनी दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि "इस्राइल को अपने अपराधों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"खामेनेई ने इस्राइल पर आरोप लगाया कि उसने ईरान की आवासीय इमारतों पर हमला कर अपनी "दुर्भावना" उजागर कर दी है। उन्होंने कहा कि "हमारे देश पर हमले के लिए इस्राइल को कड़ी सजा भुगतनी होगी। उनके हाथ खून से रंगे हैं और इसका करारा जवाब दिया जाएगा।"
इससे पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तेहरान ने नौ परमाणु बमों के लिए पर्याप्त यूरेनियम इकट्ठा कर लिया है और अब वह परमाणु हथियार तैयार करने की दिशा में सक्रिय हो चुका है। नेतन्याहू ने कहा, “ईरान अगर नहीं रुका तो कुछ ही महीनों में वह परमाणु बम बना सकता है।”
नेतन्याहू ने ईरानी शासन की तुलना नाजी जर्मनी से करते हुए कहा, “80 साल पहले यहूदी नरसंहार हुआ था, अब हम ईरान द्वारा संभावित परमाणु हमले के शिकार नहीं बनेंगे।” उन्होंने ईरान पर वर्षों से अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि अब समय आ गया है कि इस नफरत का जवाब सीधे कार्रवाई से दिया जाए।
नेतन्याहू ने ऑपरेशन ‘राइजिंग लायन’ (Rising Lion) की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह एक टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना है। उन्होंने साफ कहा कि "हम जितने दिन चाहें, यह ऑपरेशन उतने दिन तक चलेगा।