मुंबई पुलिस पर लगा हिरासत में आरोपी को मार डालने का आरोप
29 Oct, 2019
1124
संवाददाता/in24 न्यूज़।
मुंबई पुलिस पर एक बार फिर हिरासत में आरोपी को मारने का आरोप लगा है. वडाला टीटी के अंतर्गत 28 वर्षीय विजय सिंह का मौत तूल पकड़ता जा रहा है जिस तरह से बताया जा रहा है कि आपसी झगड़े के कारण 28 तारीख की रात को पुलिस ने विजय सिंह को पकड़ा था और रात को करीब 2:30 बजे अचानक छाती में दर्द होने की शिकायत को लेकर पुलिस साइन हॉस्पिटल लेकर गई जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया परिजनों का कहना है कि पुलिस बेवजह विजय सिंह को इतना मारी की उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। इस केस को तूल पकड़ता देख मुंबई पुलिस के पीआरओ ने बताया की क्राइम ब्रांच से इस घटना की जांच कराने का आदेश दे दिया है उनका साफ कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जो भी निष्कर्ष निकलेगा उस पर उचित कार्रवाई होगी वहीं दूसरी तरफ वहां के स्थानीय एमएलए तमिल सेल्वन का पूरा सहयोग परिवार के साथ रहा और उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री से बात करी थी इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। सोचने वाली बात यह है कि इस तरह से बेगुनाह को पीट-पीटकर पुलिस क्या दिखाना चाहती है और इस तरह से पुलिस की दादागिरी कब तक चलेगी सरकार को कोई ना कोई उचित कार्रवाई करनी होगी ताकि आगे इस तरह की घटना ना होघरवालों का आरोप है कि छोटे से झगड़े की वजह से पकड़ कर ले गए उनके बेटे की पुलिस ने पिटाई की जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. दूसरी तरफ मुंबई पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि मौत की मजिस्ट्रेट जांच जारी है, पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और जांच के बाद अगर आरोप सही पाया जाएगा तो उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में एडीआर दर्ज है. इस बीच मृतक युवक विजय सिंह के परिजनों ने पुलिस पर बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामला रविवार रात का है. वडाला इलाके में विजय सिंह का किसी से झगड़ा हो गया था. कंट्रोल से सूचना मिलने पर पुलिस विजय को पकड़ कर थाने ले गई. वहां कुछ देर बाद विजय ने सीने में दर्द की शिकायत की.पुलिस का कहना है कि दर्द की शिकायत के बाद पुलिस विजय को तुरंत सायन अस्पताल ले गई लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. लेकिन घरवालों और इलाके के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो विजय को बुरी तरह पीटा फिर उसे अस्पताल ले जाने में भी देरी की. विजय की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोग पुलिस थाने के सामने जमा हो गए और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की.युवक की मौत की खबर और लोगों के रोष की जानकारी मिलने पर इलाके के विधायक और सांसद ने भी मौके पर पंहुचकर विजय की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की. मृतक विजय फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव था जबकि उसके पिता टैक्सी ड्राइवर हैं.....
मुंबई पुलिस पर एक बार फिर हिरासत में आरोपी को मारने का आरोप लगा है. वडाला टीटी के अंतर्गत 28 वर्षीय विजय सिंह का मौत तूल पकड़ता जा रहा है जिस तरह से बताया जा रहा है कि आपसी झगड़े के कारण 28 तारीख की रात को पुलिस ने विजय सिंह को पकड़ा था और रात को करीब 2:30 बजे अचानक छाती में दर्द होने की शिकायत को लेकर पुलिस साइन हॉस्पिटल लेकर गई जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया परिजनों का कहना है कि पुलिस बेवजह विजय सिंह को इतना मारी की उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। इस केस को तूल पकड़ता देख मुंबई पुलिस के पीआरओ ने बताया की क्राइम ब्रांच से इस घटना की जांच कराने का आदेश दे दिया है उनका साफ कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जो भी निष्कर्ष निकलेगा उस पर उचित कार्रवाई होगी वहीं दूसरी तरफ वहां के स्थानीय एमएलए तमिल सेल्वन का पूरा सहयोग परिवार के साथ रहा और उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री से बात करी थी इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। सोचने वाली बात यह है कि इस तरह से बेगुनाह को पीट-पीटकर पुलिस क्या दिखाना चाहती है और इस तरह से पुलिस की दादागिरी कब तक चलेगी सरकार को कोई ना कोई उचित कार्रवाई करनी होगी ताकि आगे इस तरह की घटना ना होघरवालों का आरोप है कि छोटे से झगड़े की वजह से पकड़ कर ले गए उनके बेटे की पुलिस ने पिटाई की जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. दूसरी तरफ मुंबई पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि मौत की मजिस्ट्रेट जांच जारी है, पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और जांच के बाद अगर आरोप सही पाया जाएगा तो उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में एडीआर दर्ज है. इस बीच मृतक युवक विजय सिंह के परिजनों ने पुलिस पर बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामला रविवार रात का है. वडाला इलाके में विजय सिंह का किसी से झगड़ा हो गया था. कंट्रोल से सूचना मिलने पर पुलिस विजय को पकड़ कर थाने ले गई. वहां कुछ देर बाद विजय ने सीने में दर्द की शिकायत की.पुलिस का कहना है कि दर्द की शिकायत के बाद पुलिस विजय को तुरंत सायन अस्पताल ले गई लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. लेकिन घरवालों और इलाके के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो विजय को बुरी तरह पीटा फिर उसे अस्पताल ले जाने में भी देरी की. विजय की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोग पुलिस थाने के सामने जमा हो गए और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की.युवक की मौत की खबर और लोगों के रोष की जानकारी मिलने पर इलाके के विधायक और सांसद ने भी मौके पर पंहुचकर विजय की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की. मृतक विजय फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव था जबकि उसके पिता टैक्सी ड्राइवर हैं.....