ATM कार्ड का क्लोन बना कर ठगी करने वाला गिरफ्तार
29 Dec, 2021
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संवाददाता/ in24 न्यूज़
अगर आप भी पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड (ATM card) का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इस खबर को जरूर पढ़ना चाहिए। क्योंकि आपकी एक लापरवाही आपके जीवन भर की गाढ़ी कमाई पर भारी पड़ सकती है, इसलिए एटीएम से पैसे निकालते समय आपको सचेत रहना होगा। दरअसल मुंबई (mumbai) से सटे ठाणे (thane) जिले की पुलिस ने तीन ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो एटीएम सेंटर से पैसे निकालने वालों के साथ ठगी करते थे. पुलिस के मुताबिक ये लोग किसी तरह से खाताधारकों के एटीएम कार्ड का पिन पता कर लेते और उसका क्लोन बनाकर खाता धारक की बिना जानकारी के उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे, इसका पता खाताधारक को उस समय चलता जब उसके मोबाइल पर पैसे निकाले जाने का मैसेज आता. इन आरोपियों द्वारा ठगी की शिकार हुई एक 65 वर्षीय महिला वंदना विजय गौरे ने ठाणे के शील डाय घर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच शुरू की. ठाणे के पुलिस उपायुक्त अंबुरे ने इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित महिला वंदना विजय गौरे बैंक ऑफ़ बड़ोदा के एटीएम सेंटर पर गयी थी, जहां उसे एक शख्स मिला और उसने पैसा निकालने में महिला की मदद की. लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही वंदना गौरे के मोबाइल पर एक के बाद एक पैसे निकाले जाने के कई मैसेज आये, जिसमें कुल 72 हजार रूपये विदड्रा किया गया था. मैसेज मिलने के बाद तो महिला के होश ही उड़ गए. इस मामले की शिकायत मिलने पर जब पुलिस ने अपनी जांच शुरू की तो सीसीटीवी की सहायता से तीन आरोपियों की पहचान हुई, जिनका नाम जमील अहमद शेख, गोविंद सिंह और आशीष सिंह बताया जा रहा है जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के रहने वाले बताए जा रहे हैं. इनकी मोडस ऑपरेंडी के बारे में बताते हुए पुलिस ने कहा कि ये कथित बदमाश एटीएम सेंटर में आए लोगों को अपनी बातों में फुसलाकर कर उनका कार्ड ले लेते थे, और किसी तरह से उनका पिन जान लेते थे, इसके बाद ग्राहक के एटीएम कार्ड का स्कीमर की सहायता से डेटा कॉपी करके इसका क्लोन बना लेते और खाता धारक के हजारों रुपए पर हाथ साफ़ कर देते थे लेकिन इनकी चतुराई ज्यादा दिन तक नहीं चल पायी, जिसके बाद ये हवालात पहुँच गए जहां पुलिस इनसे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को इनके पास से स्कीमर, डेटा रीडर कार्ड और लैपटॉप सहित 400 लोगों का डेटा मिला है. पुलिस इन सभी से सम्पर्क करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने इस बड़े रैकेट से कई लोगों के तार जुड़े होने की आशंका जाहिर की है, फिलहाल मामले की जांच जारी है.