उदयनिधि के सिर काटने के लिए अगर 10 करोड़ कम हैं तो मैं और रुपये देने के लिए तैयार हूं : संत परमहंस आचार्य
संवाददाता/in24 न्यूज़.
सनातन धर्म के विरोध के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। मलेरिया और डेंगू से सनातन धर्म की तुलना करने के कारण उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा हैं। इस बीच अयोध्या के एक संत परमहंस आचार्य ने एक वीडियो रिलीज किया है, जिसमें वह एक हाथ में उदयनिधि का पोस्टर और दूसरे हाथ में तलवार पकड़े हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने पोस्टर में बने उदयनिधि के सिर को तलवार से काटते हुए और फिर उसमें आग लगाते हुए नज़र आ रहे हैं। परमहंस आचार्य ने अपनी बात दोहराई और कहा कि अगर 10 करोड़ रुपये उनका सिर काटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, तो मैं इनाम बढ़ा दूंगा, लेकिन सनातन धर्म के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में जो भी विकास हुआ है वह सनातन धर्म की वजह से हुआ है। उदयनिधि को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश के 100 करोड़ लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। संत परमहंस आचार्य ने अपनी वीडियो में नेता का सिर कलम करने वालों को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब इस वीडियो पर खुद उदयनिधि ने प्रतिक्रिया दी है। खबर के मुताबिक वीडियो पर रिएक्ट करते हुए द्रमुक मंत्री ने कहा कि एक स्वामी हैं जिन्होंने मेरे सिर कलम करने वालों को 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। क्या वह सच में एक असली संत हैं या नकली? उन्हें मेरा सिर इतना पसंद क्यों है? तमिलनाडु के मंत्री ने संत पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि उनके पास इतने पैसे कहां से आ रहे हैं? आप मेरे बालों में कंघी करने के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा कर रहे हैं क्या? उन्होंने आगे कहा कि अगर आप मुझे 10 रुपये की कंघी दे दें तो मैं यह काम खुद ही कर लूंगा। बता दें कि जब से उदयनिधि ने सनातन धर्म को खत्म करने की बात की है तब से लगातार उनकी आलोचना हो रही है।