बदल गई चंद्रयान-3 की पहली कक्षा, अब धरती से 42 हजार किलोमीटर की दूरी पर लगा रहा चक्कर
इसरो ने चंद्रयान-3 की पहली ऑर्बिट मैन्यूवरिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. अब वह 42 हजार से ज्यादा की कक्षा में पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार चक्कर लगा रहा है. फिलहाल इसरो वैज्ञानिक इसकी कक्षा से संबंधित डेटा का एनालिसिस कर रहे हैं. लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-3 को 179 किलोमीटर की पेरीजी और 36,500 किलोमीटर की एपोजी वाली अंडाकार कक्षा में डाला गया था. यानी कम दूरी पेरीजी. लंबी दूरी एपोजी. पहले ऑर्बिट मैन्यूवर में एपोजी को बढ़ाया गया है. यानी 36,500 किलोमीटर से 42 हजार किलोमीटर. धरती के चारों तरफ पांच बार ऑर्बिट मैन्यूवर होगा. यानी कक्षा बदली जाएगी. इसमें चार में एपोजी यानी पृथ्वी से जब चंद्रयान दूर रहेगा. वह कक्षा बदली जाएगी. यानी पहली, तीसरी, चौथी और पांचवी. अब आप सोच रहे होंगे कि दूसरी कक्षा कहां गई. असल में दूसरी कक्षा में एपोजी नहीं बल्कि बल्कि पेरीजी बदली जाएगी. यानी नजदीकी दूरी को बढ़ाया जाएगा.