महाराष्ट्र में दुल्हन की तलाश में कुंवारों ने बैंड बाजे के साथ निकाला मार्च
संवाददाता/in24 न्यूज़
अक्सर आपने लोगों को जमीन ,सड़क, बिजली, पानी या अन्य सरकारी सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन और करते हुए देखा होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आंदोलन के बारे में बताने जा रहे हैं जो किस मूलभूत सुविधाओं को लेकर नहीं है बल्कि यह मोर्चा शादी न होने के लेकर निकाला गया है। जी हां हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की जहां से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. बता दें कि वरवट बकाल गांव में लड़कों की शादी नहीं हो रही है कोई पिता अपनी बेटी इस गांव के युवाओं को नहीं देना चाह रहा है.कई युवा शादी के इंतजार में अधेड़ हो गए हैं. आखिरकार इस बात से तंग आकर शादी करवाने की मांग को लेकर युवाओं ने बाकायदा मोर्चा निकाला. उन्होंने जिला कलेक्टर अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी है. इतना ही नहीं युवाओं का कहना है कि अगर जिला प्रशासन सुविधाएं मुहैया नहीं करा सकता है तो कम के कम पत्नियां तो उपलब्ध करा दे. वहीं इस मोर्चे की खबर सामने आने के बाद पूरे जिले में खलबली मच गई है.
गौरतलब है कि बुलढाणा का वरवट बकाल गांव एक ऐसा गांव है जहां युवा शादी के लिए तरस रहे हैं. दरअसल, यहां के युवाओं के पास रहने के लिए खुद का मकान नहीं है. यह समस्या यहां इतनी बड़ी है कि कोई भी पिता अपनी बच्ची की शादी इस गांव में नहीं कर रहा. युवाओं का आरोप है कि यहां सरकारी योजनाएं ठप हैं. सरकार ने मकान देने का वादा किया था, लेकिन किसी को मकान नहीं दिया. इसलिए अब अपनी आवाज उठाने के लिए मोर्चा निकालना उनकी मजबूरी हो गई है. युवाओं ने गांव से लेकर संग्रामपुर पंचत समिती तक मोर्चा निकाला. इस मौके पर युवाओं का कहना है कि बुलढाणा विदर्भ के पिछले इलाके में आता है. यहां पिछड़े इलाकों की स्थिति दयनीय है. लोगों को मकान नहीं हैं, मकान हैं तो बिजली-पानी नहीं है. इस वजह से कई युवा शादी का इंतजार करते-करते अधेड़ हो गए. इन समस्याओं को लेकर यहां के रहवासियों को जागरूक करने की जरूरत है. और आखिर में फैसला लिया गया कि धरना देकर और मोर्चा निकालकर सरकारी अधिकारियों को जगाया जाए. उम्मीद है कि सरकारी अधिकारी इस बात को गंभीरता से लेंगे.