मुंबई में संकरी सड़कों पर पार्किंग को लेकर बीएमसी और महाराष्ट्र सरकार को बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में संकरी गलियां होने के बावजूद उनपर गाड़ियों की पार्किंग की जाती है और उससे स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। बॉम्बे हाईकोर्ट Bombay Highcourt) ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) और मुंबई महानगर पालिका (BMC)से शहर की संकरी सड़कों पर पार्किंग को विनियमित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा। कोर्ट ने उन सड़कों के बारे में भी जानकारी मांगी, जहां अभी तक पार्किंग स्थल चिन्हित नहीं किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अवैध और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण बाधाओं को उजागर किया गया था, जिससे दमकल और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। तिलक नगर हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों द्वारा एक याचिका दायर की गई थी, जहां 2018 में आग लगने की घटना में पांच लोग मारे गए थे। यह देखते हुए कि यह मुद्दा सभी नागरिकों को प्रभावित करता है, हाईकोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका में बदल दिया था। जनहित याचिका एक व्यापक पार्किंग नीति के गठन और असंगठित यातायात को रोकने के लिए इसके कार्यान्वयन की मांग करती है, जिससे अग्निशमन वाहनों को प्रभावित इमारतों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सोमवार को सुनवाई के दौरान, न्यायाधीशों ने निर्दिष्ट स्थान की मांग की क्योंकि कारों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। उन्होंने अतिरिक्त सरकारी वकील पूर्णिमा कंथारिया से पूछा कि क्या कोई पार्किंग नीति है, जिस पर उन्होंने हां में जवाब दिया। यह देखते हुए कि राज्य और BMC दोनों एक योजना लेकर आए हैं, हाईकोर्ट ने कहा कि मुंबई में बहुत सारी कारें हैं, लेकिन कोई निर्दिष्ट पार्किंग स्थान नहीं है। वे और कहां पार्क करेंगे? हर कोई ड्राइवर अफोर्ड नहीं कर सकता। अदालत ने तब राज्य और नागरिक निकाय को उठाए गए और प्रस्तावित कदमों पर चार सप्ताह के भीतर एक व्यापक हलफनामा दायर करने को कहा। एचसी ने जनहित याचिका को जनवरी 2023 में सुनवाई के लिए रखा है। बता दें कि आज भी मुंबई के अनेक इलाकों में पार्किंग की बड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं।