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एक और उपलब्धि की तरफ आगे बढ़ा इंदौर, ऐसा करने वाला बना देश का पहला शहर

19 Feb, 2022 1142

संवाददाता/ in24 न्यूज़  

देश का सबसे स्वच्छ शहर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर अब एक और नई उपलब्धि हासिल करने जा रहा है. अब इंदौर कचरा से कमाई करेगा। जी हां,वेस्ट टू वेल्थ यानी कचरा से कमाई की दिशा में भी इंदौर लगातार आगे बढ़ रहा है. इसके लिए अब इंदौर में एशिया का सबसे बड़ा बायो सीएनजी प्लांट बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसका वर्चुअली उद्घाटन करने जा रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जिसे अपशिष्ट-से-धन के मॉडल के रूप में पेश किया गया है। आइए जानते है एशिया के सबसे बड़े बायो-CNG प्लांट के बारे में।

बताया जा रहा है कि 15 एकड़ में फैले इस प्लांट को तैयार करने में 150 करोड़ की लागत आई है। इस परियोजना के जरिए रोजाना 400 बसें और 1000 से ज्यादा गाड़ियां चलाने की योजना है, बाद में इस और भी बढ़ाया जायेगा। इस प्लांट के जरिए ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा बल्कि इससे कमाई भी होगी। यह प्लांट पीपीपी मॉडल पर बनाया गया है, जिससे इंदौर नगर निगम को सालाना 2.5 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। इस प्लांट के जरिए शहर से रोज निकलने वाले करीब 550 टन गीले कचरे का निपटारा होगा। उससे सीएनजी गैस बनाई जाएगी। वहीं 100 टन जैविक खाद का उत्पादन होगा, जिसका उपयोग जैविक खेती के लिए किया जाएगा। खास बात यह है कि इस परियोजना में इंदौर नगर निकाय एक भी रुपया खर्च नहीं कर रही है, साथ ही वह संयंत्र को भेजे जाने वाले कचरे से 2.5 करोड़ रुपए प्रति वर्ष कमाएगा।
 
इस बार में इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि यह प्लांट विकास घनी आबादी वाले शहरों की वायु गुणवत्ता को शुद्ध करने के लिए मददगार साबित होगा। 550 मीट्रिक टन की कुल क्षमता के साथ यह संयंत्र 96 प्रतिशत शुद्ध मीथेन गैस के साथ सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा। संयंत्र को पीपीपी मॉडल और निजी एजेंसी के सहयोग से स्थापित किया गया है।

इंदौर लगातार कई वर्षों से सफाई के मामले में देश में पहले स्थान पर काबिज है. और अब जिस तरह से यह कचरे को नियोजित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है उससे अन्य शहरों को भी सीख लेने की आवश्यकता है.

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