डेरा प्रमुख दोषी करार, पंचकूला में हिंसा
ब्यूरो रिपोर्ट / in 24 न्यूज़शिकायतकर्ता साध्वी को तलाशने में ही जांच एजेंसियों को चार साल लग गए. साध्वी के बयान लेने के बाद बाबा राम रहीम के खिलाफ जुलाई 2007 में सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की जहां से ये केस बाद में पंचकूला शिफ्ट हो गया. केस की सुनवाई के दौरान 52 गवाह पेश किए गए,
इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे. जून में डेरा प्रमुख के विदेश जाने पर कोर्ट ने रोक लगा दी और जुलाई में इस मामले की रोज सुनवाई के निर्देश दिए. इसका असर ये हुआ कि इसी महीने 17 अगस्त को इस मामले में बहस पूरी हुई और 25 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया गया. आज कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.
इससे पहले आज सुबह तकरीबन साढ़े 8 बजे बाबा गुरमीत राम रहीम अपने साथ सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ सिरसा के अपने डेरे से पंचकूला कोर्ट के लिए निकले. उनके इस काफिले की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे. हेलिकॉप्टर और ड्रोन कैमरे से काफिले पर नजर रखी जा रही थी. काफिले के साथ जैमर लगी गाड़ियां भी चल रही थीं. इसके अलावा हरियाणा, पंजाब पुलिस और अर्ध्यसैनिक बलों की भी बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है. सेना ने भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए और डेरा समर्थकों की संभावित हिंसा के मद्देनजर फ्लैग मार्च किया. हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं पहले ही बंद कर दी गई हैं. यही नहीं इन दो राज्यों से गुजरने वाली दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है. बसों की आवाजाही भी ठप है और कुछ इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है.