आज महाराष्ट्र के यवतमाल में पीएम मोदी देंगे 35 हज़ार करोड़ रुपए की सौगात
संवाददाता/in24 न्यूज़.
लगातार देश को विकास पथ पर आगे बढ़ाने के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम महाराष्ट्र पहुंचेंगे, जहां विदर्भ क्षेत्र के यवतमाल शहर में वह लगभग 35 हजार करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं-योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इनमें 4,900 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे, सड़क और सिंचाई की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। पीएम-किसान योजना के तहत लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की 16वीं किस्त जारी की जाएगी। नमो शेतकरी महासम्मान निधि के तहत 3,800 करोड़ रुपए की दूसरी और तीसरी किस्त जारी की जाएगी। साढ़े पांच लाख महिला स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के 825 करोड़ रुपए का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा वह मोदी आवास घरकुल योजना लॉन्च करेंगे और एक करोड़ आयुष्मान कार्ड वितरित करेंगे। पीएम मोदी किसानों की आत्महत्याओं के गढ़ यवतमाल में शाम लगभग साढ़े चार बजे पहुंचेंगे। वहां 4,900 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाएं समर्पित करेंगे और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पीएम-किसान और अन्य योजनाओं के तहत लाभ जारी करेंगे। कार्यक्रम में दो लाख महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। पीएम मोदी लाभार्थियों के खातों में किसान सम्मान निधि की 21 हजार करोड़ रुपए की 16वीं किस्त जारी करेंगे। इसके साथ इस योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक का हस्तांतरण पूरा होगा। लगभग 3,800 करोड़ रुपए की नमो शेतकरी महासम्मान निधि की दूसरी और तीसरी किस्त से महाराष्ट्र के 88 लाख किसानों को लाभ होगा और लाभार्थियों को प्रति वर्ष छह हजार रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। पीएम मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कई सिंचाई परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे जो प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) और बलिराजा जल संजीवनी योजना (बीजेएसवाई) के तहत 2,750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की गई हैं। इसके अलावा वह 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनमें वर्धा-कलांब ब्रॉड गेज लाइन (वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ नई ब्रॉड गेज लाइन परियोजना का हिस्सा) और न्यू आष्टी-अमलनेर ब्रॉड गेज लाइन (अहमदनगर-बीड-परली नई ब्रॉड गेज लाइन परियोजना का हिस्सा) शामिल हैं। इससे दोनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि यवतमाल महाराष्ट्र का पिछड़ा क्षेत्र माना जाता रहा है, मगर अब इसमें विकास की तेज गति देखने को मिलेगी।