एमआरआई मशीन में मरीज को डालकर भूल गए तकनीशियन
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आजकल भी लापरवाही से बाज आने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है. अस्पताल में इंसान अपने स्वास्थ्य को ठीक कराने के लिए जाता है. लेकिन किसी मरीज के साथ अगर इलाज के बदले मौत जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाए और उसकी वजह अस्पताल के तकनीशियनों की लापरवाही सामने आए तो दोष किसे दिया जाए! गौरतलब है कि पंचकूला के एक सामान्य अस्पताल से बड़ी लापरवाही सामने आई है, यहां के टेक्नीशियन एक 59 वर्षीय बुजुर्ग को एमआआई मशीन में डालकर भूल गए. इसके बाद जब सांस बंद होने लगी तो पीड़ित खुद से वहां से बाहर निकला. पीड़ित का नाम राम मेहर बताया जा रहा है. दरअसल, स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ी व गंभीर लापरवाही का यह मामला पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल का है. पीड़ित ने स्वास्थ्य मंत्री को दी शिकायत में लिखा- मैं 30 सेकंड और बाहर न आता तो मर जाता. जानकारी के मुताबिक, पंचकूला में स्थित एमआरआई एंड सिटी स्कैन सेंटर में टेक्निशियन बुजुर्ग राम मनोहर को एमआरआई मशीन मे डालकर भूल गए. इसके बाद काफी समय तक उन्हें किसी ने बाहर नहीं निकाला तो वो खुद इससे निकलने की कोशिश करने लगे. लेकिन हाथ-पैरों में बेल्ट बंधे होने की वजह से वो हिल पाने में भी असमर्थ थे. मगर कहते है न मौत सामने हो तो इंसान उससे बचने के ली आखिरी सांस तक कोशिश करता है. ठीक ऐसा ही पीड़ित राम मेहर ने भी किया. उन्होंने खुद पर इतने जोर से दबाब बनाया की बेल्ट आखिरकार टूट ही गई. इसके बाद वो मशीन से बाहर निकल सके. पीड़ित मरीज ने कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही की शिकायत हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, डीजी हेल्थ डॉ. सूरजभान कंबोज, सेक्टर-5 पुलिस थाने में दे दी है. जिसमें पीड़ित ने यह लिखा है कि यदि मैं 30 सेकंड और बाहर नहीं आता तो मेरी मौत निश्चित थी. वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि टेक्नीशियन ने ही मरीज को बाहर निकाला, सीसीटीवी फुटेज चैक करवा रहे है.