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कोवैक्सीन लगवा चुके भारतीयों को विदेश यात्रा की अनुमति नहीं

24 May, 2021 747

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारत सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और इधर कोरोना पाबंदियों की वजह से वैश्विक आवाजाही पर भी प्रतिबंध है। मगर अब जब पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज होने लगी है तो कई देशों ने ट्रेवल बैन में छूट देने का ऐलान किया है। कई देशों ने वैक्सीन लगवा चुके लोगों के लिए अपनी नीतियों में छूट दी है और उनके लिए अपने देश के दरवाजे खोलने का ऐलान कर दिया है। मगर उन लोगों के लिए अब भी विदेश जाने के दरवाजे बंद रहेंगे, जिन्होंने भारत बायोटेकी की कोवैक्सीन लगवाई है। जी हां, अगर आप भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन की दोनों खुराक लगवा चुके हैं तब भी शुरुआती महीनों में इंटरनेशनल ट्रेवल पर आपको छूट नहीं मिलेगी। खबरों के मुताबिक दरअसल जिन देशों ने अपने यहां इंटरनेशनल ट्रेवल की छूट दी है, या तो वे अपनी खुद की रेग्युलेटरी अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत की गई वैक्सीन को मान्यता दे रहे हैं या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग की तरफ से स्वीकृत की गई वैक्सीन को ही मान्य मान रहे हैं। इस लिस्ट में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका, फाइजर, जानसेन (अमेरिका और नीदरलैंड में) और सिनोफार्म/बीबीआइपी शामिल है, मगर इस लिस्ट में कोवैक्सिन का नाम ही नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की लेटेस्ट गाइडेंस डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल होने के लिए भारत बायोटेक की ओर से इच्छा जाहिर की गई है, मगर संगठन की तरफ से और जानकारी मांगी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि प्री-सबमिशन मीटिंग मई-जून में प्लान की गई है, जिसके बाद कंपनी की तरफ से डोजियर सबमिट किया जाएगा। इसकी समीक्षा की जाएगी और फिर इस पर फैसला लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में अभी लंबा वक्त लग सकता है।  गौरतलब है कि भारत में अभी दो कोरोना वैक्सीन की मदद से वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। हालांकि, इसमें स्पूतनिक-वी का नाम भी जुड़ गया है, मगर सरकारी अभियान में अब तक यह शामिल नहीं हो पाया है। जाहिर है कोवैक्सीन लगवाने के बाद भी विदेश यात्रा नहीं कर पाने से भारतीयों को परेशान होना पद सकता है।

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