दुश्मनों के छक्के छुड़ाने आया राफेल
संवाददाता/in24
भारत के दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए राफेल पूरी तरह तैयार है. भारतीय वायुसेना में आज पांच राफेल विमान शामिल हो जाएंगे। भारतीय वायुसेना की ताकत आज कई गुना बढ़ने वाली है। काफी लंबे वक्त से जिस लड़ाकू विमान का इंतजार था, वो राफेल विमान आज भारत पहुंच रहा है। ये विमान अंबाला एयरबेस तक पहुंचेंगे। राफेल को लेकर पिछले कई महीनों से देश में हंगामा मचा हुआ है। राफेल का मतलब तूफान होता है यह एक बहुत ही उपयोगी लड़ाकू विमान है। इसके एक विमान को बनाने में 70 मिलियन की लागत आती है। इस विमान की लंबाई 15.27 मीटर होती है और इसमें एक या दो पायलट ही बैठ सकते हैं राफेल के आने के बाद भारतीय वायुसेना और भी मजबूत हो जाएगी। राफेल विमान की सबसे बड़ी खासियत है यह कि ऊंचे इलाकों में भी लड़ने में माहिर है। राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह अधिकतम 24,500 किलोग्राम का भार उठाकर उड़ने में सक्षम है। इसकी अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 किमी. प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर हैराफेल में भारतीय वायुसेना के हिसाब से बदलाव भी किए जाएंगे। खबरों के मुताबिक राफेल में लो बैंड जैमर्स, राडार वार्निंग रिसीवर्स, इजरायली हेलमेंट माउंटेड डिस्प्ले, इन्फ्रा रेड सर्च ट्रैकिंग सिस्टम और 10 घंटे का फ्लाइट डेटा रिकार्डिंग सिस्टम लगाया जाएगा। राफेल एक बहुत ही उपयोगी लड़ाकू विमान है। इसके एक विमान को बनाने में 70 मिलियन की लागत आती है। राफेल की लंबाई 15.27 मीटर होती है और इसमें एक या दो पायलट ही बैठ सकते हैं राफेल विमान की भार वहन क्षमता 9500 किलोग्राम है और यह अधिकतम 24,500 किलो तक के वजन के भार के साथ 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भरने में सक्षम है। इसकी फ्यूल कैपेसिटी तकरीबन 17 हजार किलोग्राम है। राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक की उड़ान भर सकता है राफेल 2,223 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है। जाहिर है भारतीय वायु सेना के बड़े में राफेल के शामिल होने से इसमें चार चांद लग गया है.