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पुलवामा हमले की तीसरी बरसी, पीएम मोदी ने शहीद जवानों को किया याद

14 Feb, 2022 522
संवाददाता/ in24 न्यूज़
14 फरवरी को दुनिया भर में लोग भले ही वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) मनाते हो लेकिन इस दिन भारत को कभी न भरने वाला घाव मिला था. हम बात कर रहे हैं पुलवामा हमले (pulwama attack) की... पुलवामा हमले की आज तीसरी बरसी है. बता दें कि साल 2019 में आज के ही दिन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2500 जवानों को लेकर 78 बसों में सीआरपीएफ (CRPF) का काफिला गुजर रहा था. सीआरपीएफ का यह काफिला जब पुलवामा पहुंचा तभी सड़क की दूसरे तरफ से आ रही एक कार ने सीआरपीएफ के काफिले के साथ चल रहे वाहन को टक्कर मार दी. जैसे ही सामने से आ रही एसयूवी जवानों के काफिले से टकराई, वैसे ही उसमें विस्‍फोट हो गया. इस घातक हमले में सीआरपीएफ के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए.
हालांकि यह हमला जम्मू कश्मीर (jammu kashmir) में आतंकवाद के सफाए में मील का पत्थर साबित हुआ। इसके बाद भारत ने पीओके में घुसकर एयर स्ट्राइक की और पाक आतंकियों के अड्डों को तबाह किया।
 
 
तीसरी बरसी पर शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को देश याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) ने शहीदों के बलिदान को याद किया है। वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर (shashi tharur) ने शहीदों को सलाम के साथ ही इस मौके पर बड़ा सवाल उठाया है। पुलवामा हमले के शहीदों को सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने भी श्रद्धांजलि दी है।
'इस मौके पर पीएम ने कहा, मैं 2019 में आज के दिन पुलवामा में शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं और हमारे देश के लिए उनकी उत्कृष्ट सेवा को याद करता हूं। उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को एक मजबूत और समृद्ध देश की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है।'


तो वही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि, 'पुलवामा आतंकी हमले में बलिदान हुए मां भारती के अमर वीर सपूतों को शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि! आप सबका बलिदान समाज पर ऋण है। आप सभी का त्याग आतंकवाद के विरुद्ध हम सभी को एकजुट करता है। जय हिंद!'


जबकि कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, हमारे पुलवामा शहीद परंपराग शोक-श्रद्धांजलि से ज्यादा के हकदार हैं। यह हमला क्यों व कैसे हुआ? इस बड़ी चूक के लिए कौन जिम्मेदार था? हम यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं कि ऐसे फिर कभी न हों? शहीदों की याद में इन सवालों पर विचार माकूल होगा।'

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