भारत चीन की हिंसक झड़प में तीन भारतीय जवान शहीद, पांच चीनी सैनिक भी मारे गए
संवाददता/in24 न्यूज़.
चीन की दोस्ती भारत के लिए भरोसेमंद नहीं है. भारत और चीन के बीच तनातनी के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हुए हैं। इसकी पुष्टि रक्षा मंत्रालय ने भी कर दी है। बदा दें कि लद्दाख में चीनी घुसपैठ की चर्चा जोरों पर है। ताजा नुकसान के बाद ये मामला और गर्मा गया है। बताया जाता है कि सोमवार रात दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारत की तरफ से तीन लोग शहीद हुए हैं। खबर यह भी है कि इस हिंसक झड़प में करीब पांच चीनी सैनिक भी मारे गए हैं. सैन्य स्तर की बातचीत के बाद भारत की तरफ से दावा किया जा रहा था कि सबकुछ तेजी से सामान्य हो रहे हैं। साथ ही चीनी सेना पीछे हट रही है। भारत के तीन जवानों की शहादत के बाद लगता है कि चीन हिंसा पर उतारू है। एक तरफ तो वो सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत का ढोंग करता रहा। दूसरी तरफ भारतीय जवानों पर हमले से भी बाज नहीं आ रहा। भारतीय सेना ने इस बारे में आधिकारिक बयान जारी किया है। जिसके मुताबिक गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं’। घटना के बाद से भारत में नागरिकों में गुस्सा है। लोग मानने लगे हैं कि चीन भरोसे के काबिल नहीं है। मई महीने की शुरुआत से ही लद्दाख बॉर्डर पर चीन खुराफात कर रहा है। भारतीय सैनिकों को नुकसान के बाद लोग सवाल करने लगे हैं कि क्या चीन के साथ युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। चीनी सैनिकों की हिमाकत ये कि वो भारत द्वारा तय की गई सीमा रेखा को पार कर लिया था। यहां तक कि पेंगोंग झील, गलवान घाटी के पास तक पहुंच गए थे। सैनिकों के जमावड़े के साथ ही चीन हथियार भी इलाके में जुटाने लगा था। 6 जून के बाद से सैन्य स्तर की बातचीत शुरू हुई जिसके बाद चीनी सैनिक कुछ किलोमीटर पीछे हटे। लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बातचीत के बाद मसला हल होता नजर आ रहा था। जबकि ताजा घटना के बाद एक बार फिर गतिरोध की स्थिति है. बता दें कि पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा क्षेत्र में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के संबंध में चीन ने भारत पर दोष मढ़ने की कोशिश की है। चीन ने इस घटना के संबंध में भारत से विरोध दर्ज कराया है। चीन सरकार की राय जाहिर करने वाले अंग्रेजी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने सीमा का दो बार उल्लंघन किया और वह चीनी क्षेत्र में आ गए। उन्होंने चीनी सैनिकों पर हमला किया। इसके बाद दोनों पक्षों में शारीरिक झड़प हुई। मंत्री ने इस घटना के बारे में कहा कि यह दोनों देशों के बीच बनी नीति का गंभीर उल्लंघन है। वांग ने कहा कि घटना के संबंध में भारतीय पक्ष से शिकायत दर्ज कराई गई है। भारत से कहा गया है कि वह अग्रिम मोर्चे पर तैनात अपने सैनिकों को यह सख्त हिदायत दे कि वे सीमा पार न करें और न ही कोई एकतरफा कार्रवाई करे, जिससे सीमा की स्थिति बिगड़े। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन द्विपक्षीय मामलों को बातचीत से हल करने के लिए सहमत हैं, ताकि सीमा की स्थिति को सामान्य बनाया जा सके तथा वहां शांति कायम रहे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीनी पक्ष ने इस घटना के संबंध में भारत से कड़ा विरोध व्यक्त किया है तथा अपनी शिकायत दर्ज कराई है। प्रवक्ता ने भारतीय सैनिकों पर सीमा का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चीनी सैन्य कर्मियों पर हमला किया, जो दोनों पक्षों के बीच गंभीर शारीरिक संघर्ष में बदल गया लेकिन प्रवक्ता ने चीनी पक्ष को हुए नुकसान का कोई ब्योरा नहीं दिया।