संसद का शीत सत्र खत्म, दोनों सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित
संवाददाता/in24 न्यूज़.
समय से पहले ही संसद की कार्रवाई को खत्म करना पड़ा। संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दो दिन बचे थे, लेकिन हंगामे और गतिरोध के चलते आज संसद शुरू होते ही दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडु ने सदन न चल पाने को लेकर नाराजगी जताई और सांसदों से कहा कि सदन अपनी क्षमता के मुकाबले बहुत कम चली। मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि आप आत्मावलोक करें कि इस सदन में काम कितना बेहतर हो सकता था। मेरा इसपर बहुत आलोचनात्मक नजरिया है। उधर, तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन कल निलंबित कर दिए गए थे, जिसके बाद आज वो संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास 12 निलंबित सांसदों के धरने में शामिल हुए। डेरेक पर सदन की रूल बुक फाड़ने का आरोप लगा है। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है। गौरतलब है कि सरकार ने कल लोकसभा में स्मृति ईरानी ने लड़कियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव पेश किया था। वहीं, निर्वाचन विधि संशोधन विधेयक को सोमवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई थी, जिसके बाद विपक्ष के विरोध के बीच इसे कल राज्यसभा में पेश किया गया था। शीतकालीन सत्र के आखिरी सप्ताह में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक भी हुई थी। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार कई विधेयकों को पारित कराने में सफल साबित हुई। सत्र की शुरुआत में ही कृषि कानूनों को वापस लेने वाले बिल पर मुहर लगाई गई। वहीं, मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने संबंधी चुनाव सुधार बिल, जजों के वेतन-भत्ते व सेवा शर्तें, एनडीपीएस बिल, सीबीआई-प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाने और जननीय प्रजनन उपचार उद्योग विनियमन बिल को संसद से मंजूरी मिली। बता दें कि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार हंगामा करने का काम किया।