साल के अंत में पीएम मोदी ने आखिरी बार की मन की बात
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आकाशवाणी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस साल के अपने आखिरी कार्यक्रम में देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के जरिए 72वीं बार देश को संबोधित किया और कहा कि हर साल नए साल पर कोई प्रण लेते हैं, इस बार भी प्रण लें और हमारे देश में, हमारे देशवासियों के खून-पसीने से बने उत्पादों को खरीदें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के मैन्युफैक्चरर्स को ध्यान देना होगा कि अब भारत के उत्पादों को दुनिया में पहचान मिले। पीएम मोदी ने झारखण्ड की कोरवा जनजाति के हीरामन जी की प्रेरणादायक कहानी सुनाई, जिन्होंने 12 साल के अथक परिश्रम के बाद विलुप्त होती, कोरवा भाषा का शब्दकोष तैयार किया है। पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में ही बताया कि यह इस साल की आखिरी 'मन की बात' है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा देश, 2021 में, सफलताओं के नए शिखर छुए, दुनिया में भारत की पहचान और सशक्त हो, इसकी कामना से बड़ा और क्या हो सकता है। मन की बात में पीएम मोदी ने अनेक पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की. मसलनआपने भी अपने जीवन में महसूस किया होगा, जब हम समाज के लिए कुछ करते हैं तो बहुत कुछ करने की उर्जा समाज हमें खुद ही देता है। जब तक जिज्ञासा है, तब तक जीवन है। अभी दो दिन पहले ही गीता जयंती थी। गीता, हमें, हमारे जीवन के हर सन्दर्भ में प्रेरणा देती है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपको यह जानकर खुशी होगी कि कश्मीरी केसर को जीआई टैग का सर्टिफिकेट मिलने के बाद दुबई के एक सुपर मार्किट में इसे लॉन्च किया गया। अब इसका निर्यात बढ़ने लगेगा। यह आत्मनिर्भर भारत बनाने के हमारे प्रयासों को और मजबूती देगा। आपको यह जानकर खुशी होगी कि कश्मीरी केसर को जीआई टैग का सर्टिफिकेट मिलने के बाद दुबई के एक सुपर मार्किट में इसे लॉन्च किया गया। अब इसका निर्यात बढ़ने लगेगा। यह आत्मनिर्भर भारत बनाने के हमारे प्रयासों को और मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की टीचर हेमलता एन.के. की तारीफ की। हेमलता जी विडुपुरम के एक स्कूल में दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल पढ़ाती हैं। हम सबने इंसानों वाली वीलचेयर देखी है, लेकिन, कोयंबटूर की एक बेटी गायत्री ने, अपने पिताजी के साथ, एक पीड़ित कुत्ते के लिए वीलचेयर बना दी। ये संवेदनशीलता, प्रेरणा देने वाली है, और, ये तभी हो सकता है, जब व्यक्ति हर जीव के प्रति, दया और करुणा से भरा हुआ हो। आइये, दूसरों की देखभाल के लिए सेवा-भाव से भरे इस प्रकार के प्रयासों को प्रोत्साहित करें। यह वास्तव में एक ऐसा सत्कार्य है, जो समाज की संवेदनाओं को सशक्त करता है। पीएम ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, अब मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं, जिससे आपको आनंद भी आएगा और गर्व भी होगा। भारत में तेंदुओं की संख्या में, 2014 से 2018 के बीच, 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. 2014 में, देश में, तेंदुओं की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीं 2019 में, इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गई. शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस कार्यक्रम के लिए लोगों से सुझाव मांगे थे।पीएम मोदी ने ट्वीट कर लोगों से सलाह मांगी थी कि उनका ये साल कैसा गुजरा और अगले साल वो किन-किन चीजों पर काम करने का विचार कर रहे हैं। पीएम मोदी ने लोगों से नमो ऐप और सरकार की वेबसाइट पर अपने सुझाव भेजने का अनुरोध भी किया था। मन की बात कार्यक्रम के पिछले भाग में पीएम मोदी ने संस्कृति के महत्व के बारे में बात की थी और बताया था कि कैसे इससे संकट के समय भावनात्मक तौर पर मजबूती मिलती है। पीएम मोदी ने कहा था कि देवी अन्नपूर्णा की एक प्राचीन मूर्ति, जो लगभग 100 साल पहले वाराणसी के एक मंदिर से चुराई गई थी, को कनाडा से भारत लाया जा रहा है। यह हैरिटेज वीक के साथ मेल खाता है, जो संस्कृति के प्रति उत्साही लोगों को अतीत में झांकने और इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं की खोज करने का अवसर उपलब्ध कराता है। कोविड-19 संकट के बावजूद, हमने लोगों को हैरिटेज वीक को नए तरीके से मनाते हुए देखा। बता दें कि अब मन की बात पीएम मोदी आनेवाले नए साल में देश के सामने रखेंगे।