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अफगानिस्तान में सीपीईसी का विस्तार करेगा चीन

21 May, 2025 231

चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी), जो बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है। भारत ने शुरू से ही इस परियोजना पर आपत्ति जताई है। इसके अलावा, भारत ने चीन की बेल्ट एंड रोड पहल में शामिल होने से इनकार कर दिया। अब इस परियोजना को लेकर नई जानकारी सामने आई है, जिससे भारत के लिए परेशानी बढ़ने की संभावना है।

बुधवार को बीजिंग में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अफगानिस्तान तक विस्तारित करने पर सहमति व्यक्त की। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने अपने-अपने देशों में राजनयिक संबंधों तथा व्यापार, बुनियादी ढांचे और विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान सीपीईसी को अफगानिस्तान तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा तीनों देशों की अगली बैठक अफगानिस्तान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

कुछ दिन पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तालिबान सरकार से बातचीत की थी और उन्हें धन्यवाद दिया था। भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान झूठे दावों का शिकार न होने में उनकी भूमिका की सराहना की गई। इसलिए भारत और तालिबान के रिश्तों को देखते हुए कहा जा रहा है कि चीन ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का विस्तार करके पाकिस्तान के साथ सहयोग का नया खेल खेला है।

बीजिंग में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद चीन ने घोषणा की है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अब अफगानिस्तान तक बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि यह निर्णय पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के संबंधों को सुधारने के लिए लिया गया है। अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि इससे उसका प्रभाव बढ़ेगा, लेकिन तालिबान के शासन के दौरान कुछ खास नहीं हुआ तो अब कहा जा रहा है कि चीन ने बढ़त ले ली है।

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