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एयर इंडिया ने पश्चिम एशिया-यूरोप की उड़ानें फिर से शुरू कीं, ट्रंप के संघर्ष विराम के ऐलान का असर

24 Jun, 2025 133

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया ने मंगलवार को घोषणा की कि वह इस क्षेत्र में अपनी उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे दोबारा शुरू कर रही है। एयरलाइन ने बताया कि जैसे-जैसे पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र दोबारा खुल रहे हैं, वैसे-वैसे चरणबद्ध तरीके से उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि यूरोप के लिए और यूरोप से आने वाली उड़ानें, जो पहले रद्द कर दी गई थीं, उन्हें भी आज से दोबारा शुरू किया जा रहा है। वहीं, पश्चिम एशिया के लिए और वहां से आने वाली अधिकतर उड़ानें 25 जून से पूरी तरह बहाल कर दी जाएंगी। अमेरिका और कनाडा के पूर्वी तट के लिए भी उड़ानों को जल्द शुरू करने की योजना है। एयर इंडिया ने यह स्पष्ट किया कि कुछ उड़ानें अब भी देरी से चल सकती हैं या रद्द हो सकती हैं, क्योंकि उड़ानों के रूट बदलने और उड़ान समय बढ़ने से संचालन पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद एयर इंडिया ने यात्रियों को कम से कम असुविधा पहुंचाने और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह ऐसे हवाई मार्गों से दूर रहेगी जिन्हें किसी भी समय असुरक्षित माना जा सकता है।यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। सोमवार को ईरान ने कथित रूप से कई मिसाइलें दागीं, जिनका निशाना कतर और इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे, जिनमें कतर स्थित अल उदैद एयर बेस भी शामिल है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला अमेरिका द्वारा रविवार को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों—नतांज, इस्फहान और फोर्डो—पर किए गए हवाई हमलों की प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी प्रशासन भी सतर्क है। सीएनएन को दो अधिकारियों ने जानकारी दी है कि अमेरिका ईरान के मिसाइल हमलों की निगरानी कर रहा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हगसेथ और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ डैन केन सिचुएशन रूम में लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इससे पहले ईरान के सरकारी टीवी ने रिपोर्ट दी थी कि कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया गया है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप प्रशासन की ओर से संघर्षविराम के प्रयासों का असर भी देखने को मिला है, जिसकी वजह से क्षेत्र में हवाई गतिविधियों को दोबारा बहाल करने की पहल शुरू की गई है।

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