कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया पर काम राहुल का : दिग्विजय
संवाददाता/in24 न्यूज़.
इन दिनों कांग्रेस सर्वाधिक बुरे दौर से गुज़र रही है. कांग्रेस में अध्यक्ष पद के मुद्दे पर लगातार माथापच्ची हो रही है. यह घमासान कब थमेगा कुछ नहीं कहा जा सकता। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी पहले ही देखी चा चुकी है, अब पार्टी के राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से नया बवाल शुरू हो गया है। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी के अंदर जो असंतोष आज नेताओं में नजर आ रहा है, वो कोई एक दिन का नहीं है। जब राहुल गांधी अध्यक्ष पद से हटे और सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना गया था, तभी से इस असंतोष की शुरुआत हो गई थी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ दिया था, लेकिन पार्टी पर उनका नियंत्रण बना रहा। इसके सबूत पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में मिलता है।राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी भले ही अध्यक्ष पद से हट गए थे, लेकिन पार्टी पर नियंत्रण उन्हीं का था। पर्दे के पीछे से वही सब नियंत्रित करते थे। इस वजह से वरिष्ठ नेताओं में असंतोष बढ़ा। उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि मुकुल बनानी और केसी वेणुगोपाल की जगह राजीव सातव के नामांकन के लिए राहुल गांधी ने हामी भरी। इससे पार्टी में और नाराजगी बढ़ गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी सी चाको ने कहा कि सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वालों में वही लोग शामिल हैं जो लोग राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के खिलाफ हैं। दिल्ली कांग्रेस के पूर्व प्रभारी चाको ने कहा कि ये पत्र मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सही उम्मीदवार राहुल गांधी ही हैं। खराब स्वास्थ्य के चलते सोनिया गांधी का अध्यक्ष पद पर बने रहना मुश्किल है। कुछ लोग राहुल गांधी के काम करने के तरीके को पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अकेले वही व्यक्ति हैं जो मोदी के खिलाफ खड़े हो सकते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि चिट्ठी लिखने वालों में वही लोग शामिल हैं जो राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर नहीं देखना चाहते। बता दें कि जिस पार्टी में अध्यक्ष को लेकर मतभेद गहरा हो जाए तो पार्टी के लिए उस चुनौती से निबटना आसान नहीं होता. कांग्रेस में फिलहाल यही स्थिति है.