किसानों पर मेहरबान नज़र आई सरकार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आत्मनिर्भर भारत के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आर्थिक पैकेज को लेकर सरकार की नीतियों का जिक्र प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के हर पहलुओं को देश के सामने रखा, जिसे देश के आर्थिक विकास के लिए सरकार लगाने जा रही है। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को भी वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार की नीतियों का जिक्र किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों के लिए 11 अहम कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सूखे और बाढ़ के बावजूद किसानों ने बेहतर काम किया है। लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे। वित्त मंत्री ने कहा कि देश की 85 फीसदी खेती छोटे और मझोले किसानों के पास है। हम उनके कल्याण के लिए कदम उठा रहे हैं। लॉकडाउन में दूध की डिमांड 20 से 25 फीसदी घटी है। इसलिए 560 लाख लीटर दूध की खरीदारी का निर्णय लिया गया। फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ दिया गया। वित्त मंत्री ने सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों को औपचारिक बनाने के लिये 10 हजार करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की है इससे करीब दो लाख सूक्ष्म खाद्य इकाईयों को लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने शीत भंडारण संयंत्रों, यार्ड जैसी बुनियादी संरचनाओं के निर्माण के लिये एक लाख करोड़ रुपये का कृषि बुनियादी संरचना कोष बनाने की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 74,300 करोड़ रुपये की कृषि उपज की खरीद की गई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था के लिये दूसरे चरण के प्रोत्साहन पैकेज से प्रवासी श्रमिकों और किसानों को लाभ होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, किसानों को सस्ता कर्ज और रेहड़ी-पटरी वालों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिये 3.16 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की।