खतरे में महाराष्ट्र सरकार भाजपा ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण राणे की राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात के बाद सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है। भाजपा नेता नारायण राणे ने कोरोना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कुछ नहीं कर सकती। लोगों की जान नहीं बचा सकती है। सरकार विफल हो रही है। इस सरकार में कोरोना से सामना करने की क्षमता नहीं हैं। इसलिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद राणे ने सेना बुलाने की भी बात कही है। राणे ने कहा कि हमने राज्यपाल जी से अनुरोध किया है कि लोगों की जान बचाने, उनको सही इलाज देने के लिए महानगर पालिका और राज्य सरकार के अस्पतालों को सेना के हवाले कर दिया जाए। राणे ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे अनुभवहीन मुख्यमंत्री हैं जो पुलिस और प्रशासन को नहीं चला सकते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के साथ यहां एक बैठक की। शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि राज्य में सरकार मजबूत है। राउत ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच सोमवार देर रात करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली। उन्होंने ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार के अस्थिर होने संबंधी अटकलों को खारिज किया। हालांकि उन्होंने इस बारे में जानकारी नहीं दी कि दोनों नेताओं के बीच किस मामले को ले कर बैठक हुई। ठाकरे और पवार के बीच मुलाकात से पहले राकांपा नेता ने सोमवार सुबह राज्य के राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात की थी। राउत ने मराठी भाषा में ट्वीट किया कि राकांपा प्रमुख शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच डेढ़ घंटे तक बैठक चली। जिन्हें इस सरकार के स्थिर होने पर शंका है, वे अपनी दुर्भावना के कारण ऐसा कर रहे हैं। यह सरकार मजबूत है।