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गृह मंत्री अनिल देशमुख पर पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का सौ करोड़ वसूलने का संगीन आरोप

21 Mar, 2021 1242

संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं। परमबीर सिंह के इस पत्र से महाराष्‍ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस पत्र में एंटीलिया केस में फंसे सचिन वाजे की चर्चा है। बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के हर महीने 100 करोड़ मांगने के आरोपों पर गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सफाई दी है। देशमुख ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि परमवीर सिंह खुद एंटेलिया और मनसुख हीरेन केस में फंस रहे हैं। ऐसे में खुद को बचाने के लिए मेरे ऊपर कीचड़ उछाल रहे हैं। देशमुख ने ट्वीट कर कहा कि जांच जैसे-जैसे आगे जाएगी, ये पता भी चल जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत।  देशमुख ने कहा कि सचिन वाजे मामले में खुद को कानूनी करवाई से बचाने के लिए परमबीर सिंह मुझ पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। जांच में सचिन वाजे की मुकेश अंबानी और मनसुख हीरेन केस में संलिप्तता की अब पुष्टि हो रही है। परमबीर सिंह को ये दिख गया है कि अब वो भी इसके दायरे में आ रहे हैं। खुद को फंसता देख पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। अपनी चिट्ठी में परमबीर सिंह ने लिखा है कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वाजे  को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पिछले कुछ महीनों में कई बार अपने सरकारी आवास पर बुलाया था। यहां उन्‍होंने वाजे को बार-बार हर महीने 100 करोड़ रुपये कलेक्‍ट करने का निर्देश दिया। परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिठ्ठी में कहा है कि सचिन वाजे को अनिल देशमुख ने वसूली करने को कहा था. सचिन वाजे ने खुद मुझे इस बारे में बताया था. मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने चिट्ठी में आरोप लगाया कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को कई बार उनके सरकारी निवास पर बुलाया था और हर महीने 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया था। आरोप के मुताबिक, देशमुख ने वाजे से ये कहा था कि मुंबई में 1750 बार और रेस्टारेंट हैं। हर एक से दो तीन लाख रुपए महीना वसूला जाए तो 50 करोड़ बन जाते हैं  बाकि रकम अन्य जगह यानी सोर्स से वसूली जा सकती है। ताजा घटनाक्रम के बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की है. फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र में शायद ये ऐसा पहला मामला हो जब किसी बड़े पुलिस अधिकारी ने सीएम को इतने गंभीर आरोप लगाते हुए चिठ्ठी लिखी हो, ऐसे में परमबीर सिंह के ये खुलासे जिलेटिन की छड़ों से भी ज्यादा विस्फोटक हैं. इसलिए फौरन देशमुख को पद से हटाने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इतना ही नहीं, चिट्ठी पर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के दस्तखत भी नहीं हैं। जैसे ही यह मामला सामने आया वैसे ही भाजपा ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख से इस्तीफे की मांग भी कर दी है। बहरहाल यह तो तय है कि आरोप-प्रत्यारोप से महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान का दौर शुरू हो चुका है।

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